श्रीनगर: उत्तराखंड के देवप्रयाग क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। ग्राम पाली स्थित रिवर व्यू कैफे एंड रेस्टोरेंट के पास हरियाणा नंबर की एक वैगनआर कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार चालक समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


चंडीगढ़ से रुद्रप्रयाग जा रही थी कार
जानकारी के अनुसार, कार चंडीगढ़ से रुद्रप्रयाग जा रही थी। देवप्रयाग से करीब चार किलोमीटर श्रीनगर की ओर ग्राम पाली के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में गिर गया। हादसे के समय कार में चालक समेत पांच लोग सवार थे।
दुर्घटना की सूचना मिलने पर देवप्रयाग पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ को भी सूचना दी गई। संयुक्त प्रयासों से खाई में गिरे लोगों को बाहर निकाला गया।
चालक समेत दो की मौत, तीन घायल
हादसे में कार चालक अनिल निवासी किमोली, चमोली और 72 वर्षीय सत्येश्वरी देवी पत्नी हुकम सिंह चौहान निवासी किमखाल, जिला चमोली की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बागी, देवप्रयाग पहुंचाया गया।
कीर्तिनगर के एसडीएम पंकज भट्ट के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए थे। कार में सवार पांच लोगों में से दो की मौत हुई है, जबकि तीन अन्य को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों के नाम और विवरण
हादसे में घायल तीनों लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- उत्तम सिंह (33 वर्ष): पुत्र मोहन सिंह, निवासी ग्राम लाडोली, रुद्रप्रयाग।
- टीशा रावत (18 वर्ष): पुत्री लक्ष्मण सिंह रावत, निवासी ग्राम बीना, थाना एवं जिला रुद्रप्रयाग।
- सुनीता देवी (45 वर्ष): पत्नी लक्ष्मण सिंह रावत, निवासी ग्राम बीना, थाना एवं जिला रुद्रप्रयाग।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
देवप्रयाग पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।