चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शनिवार रात 8 बजे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में मौजूद रहे। भगवान रुद्रनाथ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। अब आगामी छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना उनके शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर में कर सकेंगे।
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वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा के साथ संपन्न हुई कपाट बंद होने की प्रक्रिया
पंचकेदारों में शामिल भगवान रुद्रनाथ के कपाट बंद होने की प्रक्रिया धार्मिक परंपराओं के अनुसार दोपहर से ही शुरू हो गई थी। इस दौरान मुख्य पुजारी ने भगवान के विग्रह की विशेष पूजा-अर्चना की। पंडित आचार्य हरीश भट्ट ने भगवान का अभिषेक और श्रृंगार पूजा संपन्न कराई। मंदिर में रुद्री पाठ का भी आयोजन किया गया।
रात 8 बजे मंदिर के मुख्य गर्भगृह के कपाट बंद किए गए। इस भावुक क्षण के साक्षी बने श्रद्धालुओं और स्थानीय हक-हकूकधारियों ने भगवान रुद्रनाथ के जयकारे लगाए। कपाट बंद होने के साथ ही ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस धाम की यात्रा शीतकाल के लिए स्थगित हो गई।
उत्तराखंड: चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद, अब देवभूमि के इस मंदिर में होंगे दर्शन
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18 अक्टूबर को ज्वाला मंदिर में रात्रि प्रवास करेगी उत्सव डोली
कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली की शीतकालीन यात्रा शुरू होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 18 अक्टूबर को डोली देवलधार स्थित ज्वाला मंदिर में रात्रि प्रवास करेगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को उत्सव डोली गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी।
गोपीनाथ मंदिर में धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ भगवान रुद्रनाथ की डोली को स्थापित किया जाएगा। इसके बाद शीतकाल के दौरान श्रद्धालु गोपेश्वर में ही भगवान के दर्शन कर सकेंगे।

भारी बर्फबारी के कारण बंद रहता है उच्च हिमालयी धाम
पौराणिक मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, शीतकाल में रुद्रनाथ क्षेत्र में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण यात्रा कठिन हो जाती है। इसी वजह से हर वर्ष मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाते हैं और भगवान की पूजा उनके शीतकालीन गद्दीस्थल पर संपन्न होती है।
रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए अब गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में दर्शन की व्यवस्था रहेगी। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने उत्सव डोली की यात्रा तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस तरह अगले छह महीनों तक गोपेश्वर भगवान रुद्रनाथ की शीतकालीन पूजा-अर्चना का प्रमुख केंद्र रहेगा, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।