

पत्रकारों से बातचीत के दौरान धामी ने विपक्ष के रवैये को अराजकता फैलाने वाला बताते हुए कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का व्यवहार उनकी हताशा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शनों और प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचने की घटनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव के बयान पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री धामी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े जख्मों को कुरेदने का आरोप लगाया। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड का उल्लेख करते हुए इसे उत्तराखंड के इतिहास का काला दिन बताया। धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के प्रति अखिलेश यादव की सोच पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से जुड़े मुद्दे का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2029 में और बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटेंगे।
धामी ने नेता प्रतिपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर गंभीर मुद्दों के बजाय मनोरंजन से जुड़े लोगों को लाया जा रहा है।
‘भ्रष्टाचार की जननी है कांग्रेस’
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कोई घोटाला नहीं हुआ। धामी ने कहा कि विधानसभा में चर्चा का उद्देश्य छोटे ठेकेदारों से जुड़े मामलों को उठाना भर नहीं, बल्कि जनहित के व्यापक मुद्दों पर विचार करना होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया।
मंत्री रेखा आर्या से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुसार, 22 वर्षों तक साथ रहने के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि विवाद तब सामने आया, जब मंत्री ने अपने पति की कथित गलत बातों को मानने से इनकार कर दिया।
भू-कानून और मदरसा व्यवस्था में बदलाव का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तराखंड में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने मदरसा बोर्ड को हटाकर नया प्राधिकरण गठित करने और गलत तरीके से संचालित 250 से अधिक मदरसों को बंद किए जाने का भी उल्लेख किया।
धामी के मुताबिक, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने मदरसा बोर्ड के गठन के दौरान केवल एक समुदाय को शामिल किया था, जबकि उनकी सरकार ने सभी अल्पसंख्यक समुदायों को शामिल करने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पूर्ववर्ती सरकार की गलतियों को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है।
यूसीसी को लेकर कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान जनता के सामने रखे गए दृष्टिपत्र में किए गए वादों को उनकी सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यूसीसी को चुनावी घोषणा बताकर इसका विरोध किया और लोगों के बीच आशंकाएं पैदा कीं।
धामी ने दावा किया कि यूसीसी से मुस्लिम महिलाओं को कई सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति मिली है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से राज्य सरकार को कई महत्वपूर्ण कानून बनाने पड़े।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर भी सनातन परंपराओं के विरोध का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और सुधारों के एजेंडे पर आगे बढ़ती रहेगी।