
ऋषिकेश। ऋषिकेश में पुलिस ने होटल में चल रहे जुए के खेल का भंडाफोड़ करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जुए में दांव पर लगाई गई 2,80,130 रुपये की नकदी, ताश के 208 पत्ते और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

होटल के कमरे में चल रहा था जुए का खेल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों और जुआ खेलने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 अक्टूबर की रात ऋषिकेश पुलिस की टीम गुमानीवाला और श्यामपुर क्षेत्र में होटलों की चेकिंग कर रही थी।
इस दौरान पुलिस टीम गुमानीवाला स्थित होटल सदमार्ग परिवार पहुंची। होटल के रजिस्टरों की जांच और कमरों की चेकिंग के दौरान पहली मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 102 से शोरगुल सुनाई दिया। पुलिसकर्मी जब कमरे में पहुंचे तो वहां 10 व्यक्ति गोल घेरा बनाकर बैठे हुए थे। उनके बीच ताश के पत्ते और नकदी रखी हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, कमरे में मौजूद सभी व्यक्ति हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए सभी 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में ऋषिकेश के निवासी शामिल
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रविन्द्र सिंह रावत (34), अभिषेक रौतेला (26), मनोज (33), संजय प्रजापति (32), कमल प्रजापति (25), अजय प्रजापति (32), शंकर प्रजापति (28), मोहित (31), ऋषि (45) और सुल्तान सिंह (53) के रूप में की है। सभी आरोपी ऋषिकेश क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के निवासी बताए गए हैं।
नकदी, ताश के पत्ते और 11 मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने मौके से जुए में इस्तेमाल की जा रही 2,80,130 रुपये की नकदी और 52-52 पत्तों के चार सेट, यानी कुल 208 ताश के पत्ते बरामद किए। इसके अलावा आरोपियों की तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के 11 मोबाइल फोन भी मिले। पुलिस ने बरामद नकदी और ताश के पत्तों को नियमानुसार कब्जे में लेकर सीलबंद कर दिया।
सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
इस मामले में कोतवाली ऋषिकेश में सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चेकिंग और कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।