नैनीताल:
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल कैंची धाम में सोमवार, 15 जून को स्थापना दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु सुबह तड़के 4 बजे से ही बाबा के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए।

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
स्थापना दिवस के अवसर पर कैंची धाम में अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस सहित कई देशों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। भक्तों ने बाबा नीम करोली बाबा के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की और धाम के शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।
अमेरिका से आए श्रद्धालु मैक्स विलियम्स ने बताया कि वे वर्षों से बाबा नीम करोली की शिक्षाओं से प्रेरित हैं और आज उन्हें यहां आकर गहरी शांति और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ।
आस्था और मान्यताएं
भक्तों के अनुसार नीम करोली बाबा को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है। उनके जीवन से जुड़ी कई कथाएं, चमत्कार और प्रेरक प्रसंग आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं।
धाम की स्थापना की कथा
स्थानीय मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर बाबा ने मंदिर निर्माण का निर्देश दिया था, जिसके बाद कैंची धाम की स्थापना हुई। तब से हर वर्ष 15 जून को यहां विशाल स्थापना दिवस मेले का आयोजन किया जाता है।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं कड़ी
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पूरे क्षेत्र को 4 जोन और 8 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। पुलिस, एसटीएफ, बीडीएस और पैरामिलिट्री बलों के साथ-साथ ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
ट्रैफिक और शटल व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष यातायात योजना लागू की गई है। कैंची धाम मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, जबकि भीमताल, भवाली, नैनीताल, खैरना, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और काठगोदाम से शटल बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोककर आगे शटल सेवा के माध्यम से धाम तक पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और पुलिस व प्रशासन का सहयोग करें, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संपन्न हो सके।