हरिद्वार: कोतवाली क्षेत्र शांतरशाह में बाइक मैकेनिक हैप्पी की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस की मुठभेड़ भी हुई। पुलिस के अनुसार, जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद सीआईयू और थाना पुलिस की अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया गया। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए संदिग्धों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों को चिन्हित किया।
तिरछा पुल के पास पुलिस से मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाश के दौरान टीम को तिरछा पुल के पास संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी की तो बाइक सवार बदमाशों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में बाइक सवार मुदस्सिर के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे झाड़ियों से गिरफ्तार किया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पूछताछ में सामने आए अन्य आरोपियों के नाम
पुलिस के मुताबिक, घायल आरोपी से पूछताछ के दौरान हत्याकांड में इश्तिकार और शादाब समेत अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच में पुलिस हथियार और वारदात में इस्तेमाल बाइक उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
मुखबिरी के शक और पैसों को लेकर दबाव का आरोप
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुखबिरी के शक और पैसों को लेकर दबाव बनाने के चलते हैप्पी की हत्या की साजिश रची गई थी।
हालांकि, हत्या की पूरी वजह और सभी आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। मामले में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में शामिल अन्य संदिग्ध अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस हथियार, बाइक और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।