दुबई: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर उनके ही को-पायलट ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। 30 सितंबर को हुई इस घटना ने विमान में सवार 170 से अधिक लोगों की जान खतरे में डाल दी थी। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए स्मित मच्छर ने अब अस्पताल से एक इंटरव्यू में उस खौफनाक घटना का पूरा घटनाक्रम साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक सामान्य उड़ान अचानक जिंदगी और मौत की लड़ाई में बदल गई।
स्काई न्यूज अरेबिया को शनिवार को दिए इंटरव्यू में 38 वर्षीय भारतीय पायलट ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान की छत से कोई भारी चीज टूटकर उनके सिर पर गिरी है। हालांकि, कुछ ही सेकंड में उन्हें एहसास हो गया कि उन पर हमला किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने खुद को बचाने, कॉकपिट का दरवाजा खोलने और विमान में सवार लोगों की जान बचाने के लिए संघर्ष किया।


प्रार्थना करने के बहाने कॉकपिट में खड़ा था को-पायलट
स्मित मच्छर के मुताबिक, उड़ान शुरू होने के करीब दो घंटे बाद तक सब कुछ सामान्य था। विमान में सभी नियमित प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी थीं और किसी तरह की असामान्य गतिविधि का अंदेशा नहीं था। यह पहली बार था, जब उन्होंने संबंधित को-पायलट के साथ उड़ान भरी थी।
इसी दौरान वापसी की उड़ान संचालित करने वाला एक अन्य कैप्टन कॉकपिट में आया। कुछ देर बातचीत के बाद को-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई और दूसरे कैप्टन से कॉकपिट से बाहर जाने को कहा। मच्छर को शुरुआत में यह अनुरोध असामान्य नहीं लगा।
जब हमला हुआ, तब स्मित मच्छर अपनी सीट पर बैठे लैंडिंग के समय और ईंधन से संबंधित जानकारी कंप्यूटर पर जांच रहे थे। को-पायलट उनके पीछे खड़ा होकर प्रार्थना कर रहा था। तभी अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार हुआ।
सिर पर वार के बाद धुंधली पड़ गई नजर
भारतीय पायलट ने बताया कि चोट इतनी जोरदार थी कि पहले उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही पलों में उन्हें एहसास हुआ कि को-पायलट उन पर हमला कर रहा है।
मच्छर ने बताया कि वार के कारण उनकी नजर पर भी गंभीर असर पड़ा। बाद में डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी दृष्टि में आई समस्या हमले के कारण हुई थी।
उन्होंने अपनी सीट बेल्ट खोली और हमले को रोकने की कोशिश की। इस दौरान उनके हाथ में भी चोट लगी। इसके बाद उन्होंने कॉकपिट में मौजूद दूसरे कैप्टन को वापस बुलाने और दरवाजा खोलने की कोशिश की।
मच्छर के मुताबिक, वह अपने साथी का नाम चिल्ला रहे थे और दरवाजा खोलने के लिए स्विच दबा रहे थे। इसी दौरान वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गए। उन्हें याद है कि वह दरवाजा खोलने में सफल हुए, लेकिन हमलावर की ओर से दूसरों को भी मारने की धमकी दिए जाने के बाद दरवाजा फिर बंद हो गया।
इंजन की आवाज से समझ गए कि नीचे गिर रहा है विमान
हमले के बीच स्मित मच्छर को अचानक इंजन की आवाज धीमी होती सुनाई दी। उन्हें विमान की गति और उसकी दिशा में बदलाव महसूस हुआ। एक अनुभवी पायलट होने के कारण वह उपकरणों को देखे बिना भी इंजन की आवाज और विमान की गतिविधियों से स्थिति का अंदाजा लगा सकते थे।
उन्होंने बताया कि घटना के दौरान वह बार-बार होश खो रहे थे और फिर होश में आ रहे थे। उन्हें याद है कि उन्होंने दोबारा कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की और अपने पैरों को किसी तरह टिकाकर खुद को आगे की ओर धकेला।
उनकी अगली याद कॉकपिट का दरवाजा खुला होने और खुद को कॉकपिट तथा गैली के बीच जमीन पर लेटा हुआ देखने की है।
‘स्मित, कुछ करो… तुम ऐसे नहीं मर सकते’
इंटरव्यू के दौरान जब स्मित मच्छर से पूछा गया कि क्या उन्हें लगा था कि वह इस हमले में अपनी जान गंवा सकते हैं, तो उन्होंने भावुक होकर बताया कि एक पल ऐसा आया था, जब उन्हें लगा कि अब कुछ करना जरूरी है।
उन्होंने खुद से कहा, ‘स्मित, कुछ करो। तुम ऐसे नहीं मर सकते।’
उन्होंने बताया कि विमान में सवार सभी लोगों को बचाने के लिए चालक दल ने दृढ़ संकल्प के साथ काम किया। मच्छर ने उस साथी पायलट की भी सराहना की, जिसने आपात स्थिति में विमान का नियंत्रण संभाला। उन्होंने कहा कि वह उस पायलट के योगदान को जिंदगी भर याद रखेंगे।
उनके मुताबिक, विमान में मौजूद चालक दल और यात्रियों का जीवित बचने का संकल्प इस मुश्किल घड़ी में बेहद महत्वपूर्ण रहा।

सऊदी अरब में हुई सुरक्षित लैंडिंग, बाद में UAE भेजे गए पायलट
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। बोइंग 737 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 170 से अधिक लोग सवार थे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ओमान के रहने वाले को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट के भीतर स्मित मच्छर पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान पर कब्जा करने की कोशिश की।
संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल के अनुसार, आरोपी की कथित योजना विमान को तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल से टकराने की थी। मामले की जांच जारी है।
घटना के दौरान मच्छर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे अन्य चालक दल के सदस्यों और यात्रियों को बीच-बचाव करने का मौका मिला। विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित तबुक की ओर मोड़ दिया। विमान वहां सुरक्षित उतर गया।
आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। वहीं, घायल स्मित मच्छर को पहले तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी भेज दिया गया।
बेटे को किया पहला फोन, UAE सरकार का जताया आभार
अस्पताल में इलाज के दौरान दिए गए इंटरव्यू में स्मित मच्छर ने बताया कि घटना के बाद जब उन्हें अपने परिजनों से संपर्क करने का मौका मिला, तो उन्होंने सबसे पहले अपने दो साल के बेटे को फोन किया।
घटना को याद करते हुए वह भावुक हो गए। उन्होंने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मिले चिकित्सा उपचार और सहयोग के लिए आभार जताया। खास तौर पर उन्होंने UAE सरकार की ओर से मिले समर्थन की सराहना की।
6 अक्टूबर को संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी थी कि स्मित मच्छर धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।

PM मोदी समेत कई नेताओं ने की बहादुरी की तारीफ
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय पायलट के साहस की सराहना की और उन्हें हीरो बताया।
स्मित मच्छर के लिए यह घटना केवल एक हमले की कहानी नहीं, बल्कि मुश्किल हालात में खुद को संभालने और विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने के संघर्ष की याद है। उन्होंने कहा कि विमान में मौजूद सभी लोगों की जीवित बचने की इच्छाशक्ति ऐसी स्थिति में सबसे अहम साबित हुई।
फिलहाल, हमले से जुड़े कथित विमान अपहरण के प्रयास की जांच जारी है। वहीं, स्मित मच्छर उपचार के बाद धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।