देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस ने अपने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को गति देने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने प्रदेश के 27 संगठनात्मक जिलों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इन पर्यवेक्षकों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।

पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पर्यवेक्षक संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और अभियान की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। इसके तहत संजय छोकर, दीपक राठौर, आफताब अहमद, संजना जाटव, अमित और राजेश गर्ग को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है।
किस पर्यवेक्षक को मिली किन जिलों की जिम्मेदारी?
कांग्रेस की ओर से घोषित जिम्मेदारियों का विवरण इस प्रकार है:
- संजय छोकर: बागेश्वर, पिथौरागढ़, डीडीहाट, चंपावत और अल्मोड़ा।
- दीपक राठौर: नैनीताल, हल्द्वानी शहर, रानीखेत, रुद्रपुर और काशीपुर शहर।
- आफताब अहमद: रुड़की, रुड़की शहर, हरिद्वार शहर, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर।
- संजना जाटव: देहरादून शहर, पछवादून, परवादून, कोटद्वार और कोटद्वार शहर।
- अमित: टिहरी गढ़वाल, देवप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी।
- राजेश गर्ग: पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली।
जमीनी स्तर पर अभियान मजबूत करने की तैयारी
कांग्रेस का कहना है कि सभी नियुक्त पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देंगे। उनकी जिम्मेदारी अभियान को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने, स्थानीय स्तर पर समन्वय बढ़ाने और पार्टी की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की होगी।
‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को प्रदेश में संगठन को सक्रिय करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि इससे विभिन्न संगठनात्मक जिलों में अभियान की पहुंच बढ़ेगी और कार्यकर्ताओं की भागीदारी मजबूत होगी।
आगामी दिनों में पर्यवेक्षकों की गतिविधियों और जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिए अभियान की प्रगति पर नजर रखी जाएगी।