देहरादून/नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार सुबह एहतियातन हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की।


सुबह चार बजे पुलिस ने लिया हिरासत में
जानकारी के मुताबिक, अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर इंडिया गेट के पास धरने पर बैठे थे। सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें एहतियातन हिरासत में लेकर नजदीकी थाने ले गई।
दिल्ली इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने हिरासत में लिया
#ankitabhandari #congress #ankitabhandarimurdercase @INCIndia @INCUttarakhand @pushkardhami https://t.co/AjOZykweAL— ETVBharat Uttarakhand (@ETVBharatUK) October 15, 2026
पुलिस की ओर से बताया गया कि इंडिया गेट सहित मध्य दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्रों में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटे बाद अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया।
कथित वीआईपी की नियुक्ति को लेकर उठाए सवाल
अंकिता के माता-पिता के धरने के पीछे मामले से जुड़े कथित वीआईपी की पूर्वोत्तर भारत के एक राज्य में राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। उनकी मांग है कि संबंधित व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर अंकिता के माता-पिता न्याय की मांग कर रहे हैं। हालांकि, कथित वीआईपी की पहचान और हत्याकांड में उसकी भूमिका को लेकर सामने आए दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।
In the dead of night, the elderly parents of Ankita Bhandari, who were peacefully protesting at India Gate and demanding justice for their daughter, were detained by Amit Shah’s police.
PM Modi and Amit Shah, answer these questions:
❓Is demanding justice for a murdered daughter a crime in your “Achche Din” wala Bharat?
❓Why were her elderly parents detained in the middle of the night? What are you so afraid of?
❓ Why is Dushyant Gautam so dear to you that you are willing to humiliate and mistreat grieving parents to protect him?
❓Is this your idea of protecting the daughters and mothers of this country?
A government that fears the cries of grieving parents has lost all moral authority.
👉Ankita deserves justice.
👉Her parents deserve answers.
👉And this country deserves a government that stands with its daughters, not against them.📍New Delhi
— Congress (@INCIndia) October 15, 2026
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे
अंकिता के माता-पिता के धरने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी सहित अन्य नेता उनसे मिलने पहुंचे। इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
परिवार लंबे समय से मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच और अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग करता रहा है। अब दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम ने मामले की जांच और उससे जुड़े सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली थीं। वर्ष 2022 में ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों, सौरभ भास्कर तथा अंकित, को गिरफ्तार किया गया था।
जांच और सुनवाई के बाद निचली अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से तीनों जेल में हैं।
हालांकि, मामले की शुरुआत से ही एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस संबंध में विभिन्न दावे सामने आए, लेकिन किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता को जांच और न्यायिक निष्कर्षों के आधार पर ही स्थापित माना जा सकता है।
बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंकिता के माता-पिता ने भेंट के दौरान CBI जांच की मांग रखी थी जिसका सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने इस मामले की जांच CBI से कराने का निर्णय लिया है।
मातृशक्ति की सुरक्षा एवं उनके सम्मान के लिए हमारी सरकार सदैव प्रतिबद्ध रही है। देवभूमि उत्तराखंड में कानून का राज है, यहां दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 9, 2026
सीबीआई जांच में कथित वीआईपी की भूमिका पर नजर
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग लंबे समय से उठती रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इस जांच को लेकर उम्मीद जताई गई थी कि इससे कथित वीआईपी की भूमिका और उससे जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के धरने, उनकी हिरासत और रिहाई के बाद एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। परिवार की प्रमुख मांग है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।