1200 675 27987836 thumbnail 16x9 arnab cyclone
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, अर्नब साइक्लोन से जुड़े मौसमी सिस्टम के कारण भी वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसका उत्तराखंड पर सीधे तौर पर असर पड़ने की आशंका नहीं है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान गढ़वाल क्षेत्र के उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं, 30 अक्टूबर को कुमाऊं के चार जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है।

कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में बारिश और गरज-चमक को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम में आए इस बदलाव के चलते तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं।
30 अक्टूबर को कुमाऊं के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल में मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
चारधाम यात्रा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बढ़ेगी चुनौती
गढ़वाल क्षेत्र में बारिश की संभावना को देखते हुए उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इन जिलों में चारधाम के प्रमुख तीर्थस्थल स्थित हैं। खराब मौसम के कारण यात्रियों को आवाजाही में परेशानी हो सकती है।
वहीं, 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के साथ यात्रा और आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी है।
मौसम विभाग ने यात्रियों को दी सतर्क रहने की सलाह
मौसम में बदलाव को देखते हुए पर्यटकों और यात्रियों को पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखने की सलाह दी गई है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और खराब मौसम के दौरान संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है।
मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। 30 अक्टूबर को कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।