

ओटीपी, एटीएम पिन और पासवर्ड साझा न करने की सलाह
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी (OTP), एटीएम पिन, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी और पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए।
पुलिस ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान कॉल पर भरोसा करने और बिना सत्यापन के किसी के साथ व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी। विद्यार्थियों को डिजिटल लेनदेन के दौरान सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत उचित कदम उठाने के लिए भी जागरूक किया गया।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
पुलिस ने समझाया कि साइबर ठगी की सूचना जल्द देने से संबंधित लेनदेन पर समय रहते कार्रवाई करने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।

परिवार और आसपास के लोगों को भी करें जागरूक
गदरपुर पुलिस ने छात्र-छात्राओं से साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की। पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने में आमजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देना और ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहयोग करना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।