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इस आयोजन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई प्रमुख अतिथियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। खेल मुकाबलों के साथ न्यूजीलैंड की माओरी संस्कृति की झलक, पारंपरिक हाका नृत्य और विशेष पुरस्कार वितरण समारोह भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
शाम 4 बजे शुरू होगा कार्यक्रम, 4:12 बजे उद्घाटन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम 4 बजे अतिथियों के स्वागत के साथ आयोजन की शुरुआत होगी। भारतीय रग्बी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष और अभिनेता राहुल बोस मुख्य अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान करेंगे।
शाम 4:05 बजे भारतीय और न्यूजीलैंड की पुरुष टीमें मैदान पर उतरेंगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य अतिथि खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। दोनों देशों के राष्ट्रगान के बाद शाम 4:12 बजे मुख्यमंत्री भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज के उद्घाटन की औपचारिक घोषणा करेंगे।
माओरी टीम के हाका नृत्य के बाद पुरुषों का मुकाबला
शाम 4:18 बजे न्यूजीलैंड माओरी की पुरुष टीम पारंपरिक ‘हाका’ प्रस्तुत करेगी। यह माओरी संस्कृति से जुड़ा सामूहिक प्रदर्शन है, जो ऊर्जा, एकजुटता और पहचान का प्रतीक माना जाता है।
इसके बाद शाम 4:20 से 4:40 बजे तक भारत और न्यूजीलैंड की अंडर-20 पुरुष टीमों के बीच मुकाबला होगा। मैच के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोनों टीमों के खिलाड़ियों को स्मारक पदक देकर सम्मानित करेंगे।
महिला टीम के हाका प्रदर्शन के बाद शाम 5:15 से 5:35 बजे तक दोनों देशों की अंडर-20 महिला टीमों के बीच मुकाबला निर्धारित है।
‘यूनिटी सेवेंस’ और ‘सेंटेनरी सेवेंस’ के बीच होंगे मैत्री मैच
सीरीज का एक विशेष आकर्षण दोनों देशों के खिलाड़ियों को मिलाकर बनाई गई मिश्रित टीमें होंगी। शाम 5:45 बजे से इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें ‘यूनिटी सेवेंस’ और ‘सेंटेनरी सेवेंस’ नाम की टीमें मुकाबला करेंगी।
कार्यक्रम के दौरान दोनों टीमों की विशेष जर्सी के डिजाइन और उनके महत्व को लाइव विजुअल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:
- शाम 5:52 से 6:12 बजे: पुरुष मिश्रित टीमों का मुकाबला।
- शाम 6:15 से 6:35 बजे: महिला मिश्रित टीमों का मुकाबला।
1926 में शुरू हुए थे भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंध
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों की शुरुआत वर्ष 1926 में हुई थी। उस वर्ष भारतीय सेना की हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था। दोनों देशों के खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह रग्बी सीरीज ऐतिहासिक संबंधों को आगे बढ़ाने और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
न्यूजीलैंड की अंडर-20 रग्बी टीमों का इस तरह की सीरीज के लिए भारत दौरा भी एक खास अवसर है। इस आयोजन के जरिए खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा।
न्यूजीलैंड के दल में 24 युवा माओरी खिलाड़ी
न्यूजीलैंड का 30 सदस्यीय दल इस सीरीज में हिस्सा ले रहा है। इसमें 24 युवा माओरी खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 12 पुरुष और 12 महिला खिलाड़ी हैं। पुरुष टीम को ‘तामा टोआ’ (Tama Toa) और महिला टीम को ‘हिने टोआ’ (Hine Toa) नाम दिया गया है। इनके साथ छह सदस्यीय प्रबंधन दल भी भारत आया है।
भारतीय दल में कुल 40 सदस्य हैं। इसमें 16 पुरुष खिलाड़ी, 16 महिला खिलाड़ी और आठ प्रबंधन सदस्य शामिल हैं।
भारतीय अंडर-20 पुरुष टीम
भारतीय पुरुष टीम में अजीत नाग, अमन, अरुण प्रजापति, बजरंगी कुमार, भरत किसान, विद्याधर माझी, चरण हेम्ब्रम, नमन यादव, प्रणव गावित, पुष्पेंद्र, राहुल माझी, राजन रावत, रोहित कुमार, सागर प्रकाश, शिवम और सुभाष हांसदा शामिल हैं।
भारतीय अंडर-20 महिला टीम
भारतीय महिला टीम में अक्षया एन.एस., अल्पना कुमारी, अनीता मुर्मू, अनुष्का सकांल, आरती कुमारी, ब्यूटी कुमारी, दीपाली ताथे, खुशी देवी, कीर्ति जाधव, अदिति लोंढे, मामाली सिंह, रायमानी मुर्मू, सलोनी कुमारी, समृद्धि कदम, सुमित्रा मुर्मू और तनुश्री भोसले को शामिल किया गया है।
शाम 6:50 बजे से समापन समारोह, दी जाएगी ‘फ्रेंडशिप शील्ड’
मुकाबलों के बाद शाम 6:50 बजे से पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, न्यूजीलैंड के कार्यवाहक उच्चायुक्त मैट आयर्स, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी प्रीता वर्मा के शामिल होने का कार्यक्रम है।
समारोह में महिला टीमों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद भारत और न्यूजीलैंड की पुरुष एवं महिला टीमों को विशेष रूप से तैयार की गई ‘फ्रेंडशिप शील्ड’ भेंट की जाएगी। यह दोनों देशों के बीच खेल मैत्री और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक होगी।
अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के केंद्र के रूप में उभर रहा राजगीर
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक-सह-सीईओ रवींद्रण शंकरण ने इस सीरीज की मेजबानी को बिहार और राजगीर के लिए गर्व का अवसर बताया है। उनके अनुसार, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन राज्य में खेलों के विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने में मदद करेंगे।
राजगीर में अप्रैल 2026 में सीनियर नेशनल रग्बी चैंपियनशिप और अगस्त 2025 में एशिया रग्बी एमिरेट्स अंडर-20 चैंपियनशिप भी आयोजित की गई थी। लगातार बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी से राजगीर की पहचान एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में मजबूत हो रही है।
शंकरण ने कहा कि राज्य सरकार और खेल प्राधिकरण खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत-न्यूजीलैंड अंडर-20 रग्बी सीरीज को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।