

दिवाली से पहले कंपनियों में दिन-रात उत्पादन
त्योहारी सीजन को देखते हुए सिडकुल की कंपनियों में पिछले दो महीने से दिन-रात उत्पादन किया जा रहा है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पैकिंग सेक्शन में भी ओवरटाइम काम हो रहा है। थोक व्यापारियों की ओर से अग्रिम ऑर्डर दिए जाने के बाद कंपनियां समय पर माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी हैं।
कारोबारियों के मुताबिक, सिडकुल में तैयार लाइटें चीनी उत्पादों की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक सस्ती हैं। इसके साथ ही इन उत्पादों पर एक साल की वारंटी भी दी जा रही है। इससे ग्राहकों के बीच स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
कुमाऊं से बाहर भी पहुंच रहे सिडकुल के उत्पाद
सिडकुल में तैयार इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की आपूर्ति अब केवल कुमाऊं क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यहां निर्मित माल दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में भेजा जा रहा है। बाहरी राज्यों से मिल रहे ऑर्डर से स्थानीय कंपनियों के कारोबार को विस्तार मिल रहा है।
सिडकुल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय तिवारी के अनुसार, स्थानीय कंपनियां उत्पादों की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर विशेष ध्यान दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि चीनी उत्पादों की तुलना में सिडकुल में बनी लाइटें किफायती होने के साथ अधिक टिकाऊ भी हैं। उनके मुताबिक, इस बार उत्पादों की मांग में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
‘लोकल फॉर वोकल’ से स्थानीय कारोबार को मिल रहा बढ़ावा
सिडकुल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान का असर स्थानीय बाजार में दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि व्यापारी सीधे सिडकुल पहुंचकर उत्पाद खरीद रहे हैं और इस बार बाहरी राज्यों से भी बड़े ऑर्डर मिले हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से कंपनियों के कारोबार को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। दिवाली के इस सीजन में सिडकुल की कंपनियों को उम्मीद है कि किफायती कीमत, वारंटी और बेहतर गुणवत्ता के दम पर उनके उत्पाद बाजार में अपनी मजबूत जगह बनाएंगे।