देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या शनिवार रात अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपने सरकारी आवास पहुंच गई थीं। रविवार सुबह वह टपकेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना करने के साथ कन्या पूजन भी किया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी सेहत में पहले से सुधार है, हालांकि कभी-कभी उनका ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है। इस बीच, उनके पति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आज मंत्री के बयान दर्ज कर सकती है।


रेखा आर्या की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी वजह से जांच टीम ने उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया टाल दी थी। पुलिस के मुताबिक, मंत्री के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
पति के खिलाफ FIR की जांच कर रही SIT
मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की जांच के लिए एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय SIT गठित की गई है। टीम को मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंत्री की तबीयत बिगड़ने के कारण SIT उनके बयान दर्ज नहीं कर पाई थी। अब उनके अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। हालांकि, बयान दर्ज करने के समय को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
‘गोलज्यू देवता की कसम, ऑडियो 100 फीसदी सही’
रेखा आर्या ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर दावा किया है कि वह पूरी तरह असली है और उसमें किसी तरह की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
मंत्री ने अपने इष्ट देव गोलज्यू देवता की कसम खाते हुए कहा कि ऑडियो शत-प्रतिशत सही है। उनके मुताबिक, परिवार में व्यवहार में आए बदलाव, जातिसूचक शब्दों के कथित इस्तेमाल और सहयोगियों को धमकाने जैसी बातों को लेकर उन्होंने पड़ताल की, जिसके बाद यह ऑडियो सामने आया।
रेखा आर्या ने आरोप लगाया कि रिकॉर्डिंग में एक ऐसी पत्नी के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार का जिक्र है, जिसने 22-23 वर्षों तक पूरी ईमानदारी से अपने परिवार के लिए समर्पण किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑडियो में पत्नी को नुकसान पहुंचाने के लिए एक महिला को समर्थन दिए जाने की बात सामने आती है।
हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
‘महिलाओं को अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए’
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जिस सरकार में वह काम कर रही हैं, वह महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं उनके पास अपनी समस्याएं लेकर आती हैं, तो वह उन्हें अत्याचार सहन नहीं करने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की सलाह देती हैं।
मंत्री के मुताबिक, जब उन्हें खुद ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने भी अपने आत्मसम्मान के लिए आवाज उठाने का फैसला किया और प्राथमिकी दर्ज कराई।
उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तराखंड पुलिस जिस तरह आम महिलाओं की शिकायतों पर कार्रवाई करती है, उसी तरह उनके मामले में भी निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाएगी।
‘लोग क्या कहेंगे, यह सोचकर अन्याय सहना ठीक नहीं’
रेखा आर्या ने कहा कि घरेलू हिंसा या किसी भी तरह के अत्याचार का सामना करने वाली महिला को सामाजिक प्रतिष्ठा और लोगों की टिप्पणियों के डर से चुप नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, कई महिलाएं पारिवारिक परिस्थितियों और समाज की प्रतिक्रिया के कारण अन्याय सहती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि वह तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं। उन्हें पहले से अंदाजा था कि निजी जीवन से जुड़े मामले को सार्वजनिक करने पर उन्हें आलोचना और तरह-तरह की टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके बावजूद उन्होंने अपने आत्मसम्मान के लिए कदम उठाया। मंत्री ने कहा कि महिला चाहे सामान्य परिवार से हो या किसी बड़े पद पर हो, उसे अपने साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
अब SIT की जांच पर टिकी निगाहें
रेखा आर्या के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। SIT उनके बयान दर्ज करने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल करेगी।
फिलहाल, मामले में जांच की प्रगति और ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।