नैनीताल: उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर नैनीताल जिले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कलेक्ट्रेट परिसर में पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया और जिलेवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण का भी संदेश देता है। इसी उद्देश्य से जनपद में हरेला के अवसर पर एक दिन में 1.15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस से जारी है अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में विशेष वृक्षारोपण अभियान 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) से शुरू किया गया था, जो 15 सितंबर तक लगातार चलेगा। इस अभियान के तहत वन विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायतें, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय नागरिक मिलकर विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर रहे हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर बनेगा ग्रीन पार्किंग मॉडल
हरेला कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के पार्किंग क्षेत्र में भी पौधे लगाए गए। डीएम ने कहा कि आने वाले समय में इन पौधों के विकसित होने के बाद यह पार्किंग क्षेत्र ग्रीन पार्किंग के रूप में विकसित होगा, जिससे परिसर में हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
हर नागरिक निभाए पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हरेला पर्व पर सिर्फ पौधा लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उसके संरक्षण और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं।
प्रदेशभर में चल रहा है हरेला महाअभियान
उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के अवसर पर पूरे उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री, राज्यपाल, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी इस अभियान में भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।