उत्तराखंड में 60 साल के होते ही स्वतः मिलेगी वृद्धावस्था पेंशन, धामी सरकार का बड़ा फैसला
देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धावस्था पेंशन व्यवस्था को पूरी तरह आसान और पारदर्शी बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों को अब पेंशन के लिए बार-बार आवेदन करने या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़े। सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी, जिसके तहत पात्रता पूरी होते ही लाभार्थियों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन मिलने लगेगी।

यह निर्णय समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जहां मुख्यमंत्री ने विभाग की योजनाओं को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया।
पेंशन प्रक्रिया होगी पूरी तरह आसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक कागजी कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए। समाज कल्याण विभाग ऐसी डिजिटल व्यवस्था विकसित करे, जिसमें आयु और पात्रता का सत्यापन स्वतः हो जाए और लाभार्थी के बैंक खाते में समय पर पेंशन पहुंच सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं को केवल वर्तमान जरूरतों के हिसाब से नहीं, बल्कि आने वाले 25 वर्षों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। साथ ही वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और योजनाओं की दीर्घकालिक मजबूती पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड बनेगा सुशासन का मॉडल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर नागरिकों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराएगी। उनका कहना था कि उत्तराखंड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बने।
उन्होंने अधिकारियों को डोईवाला, पाइनस और सोमेश्वर स्थित बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
जून की पेंशन के रूप में जारी हुए 145.42 करोड़ रुपये
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जून 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी जारी की। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 9,80,950 लाभार्थियों के बैंक खातों में 145.42 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।
एक नजर में आंकड़े
- कुल लाभार्थी: 9,80,950
- कुल वितरित राशि: 145.42 करोड़ रुपये
- केंद्र सरकार का योगदान: 7.02 करोड़ रुपये
- राज्य सरकार का योगदान: 138.40 करोड़ रुपये
- वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी: 6.11 लाख
- वृद्धावस्था पेंशन पर खर्च: 91.69 करोड़ रुपये
हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे सरकारी सहायता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र नागरिक तक सरकारी सहायता बिना किसी बाधा और समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं और सरकार इसी उद्देश्य के साथ लगातार काम कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाज कल्याण विभाग की सभी योजनाओं में तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि पारदर्शिता बढ़े, भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हों और लोगों को घर बैठे सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।