रुद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक निजी स्कूल को अचानक बंद करने के फैसले ने सैकड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरे संकट में डाल दिया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा ईमेल के जरिए अचानक दी गई इस सूचना के बाद नाराज अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया और फैसले का विरोध किया।

बताया जा रहा है कि 18 जून को छात्रों की आधिकारिक आईडी पर ईमेल भेजकर स्कूल बंद करने की जानकारी दी गई। इस फैसले से करीब 360 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ा है। अभिभावकों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना सत्र के बीच में लिया गया यह निर्णय बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि स्कूल में भारी फीस जमा कराने के बावजूद न तो पहले कोई चेतावनी दी गई और न ही बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा के नाम पर परिसर में बाउंसर तैनात कर दिए। इससे अभिभावकों का गुस्सा और भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए बाउंसरों को परिसर से बाहर कर दिया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अभिभावकों ने मांग की कि यदि भवन असुरक्षित है तो कम से कम ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जाए।
वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से चित्रा शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि तकनीकी जांच में भवन को असुरक्षित पाया गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य स्कूलों से बातचीत कर छात्रों के एडजस्टमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।