जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के बरगी डैम में गुरुवार को हुए क्रूज हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
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मजदूरों ने संभाली पहली जिम्मेदारी
हादसे के समय क्रूज के पास ही पुल निर्माण का कार्य चल रहा था। जैसे ही क्रूज अनियंत्रित होकर डूबने लगा, वहां मौजूद मजदूरों ने बिना इंतजार किए राहत कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर रमजान ने असाधारण साहस का परिचय दिया।
25 फीट ऊंचाई से छलांग लगाकर बचाईं जानें
रमजान ने बताया कि क्रूज को डूबते देख उसने तुरंत रस्सी उठाई और करीब 25 फीट ऊंचाई से बांध में छलांग लगा दी। उसने पानी में संघर्ष कर 6 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें 4 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 2 लोगों की जान नहीं बच सकी।
चेतावनी के बावजूद नहीं रुका क्रूज
मौके पर मौजूद एक अन्य मजदूर बिंद्र कुमार यादव के अनुसार, उन्होंने क्रूज के असंतुलित होने पर पायलट को रोकने के लिए आवाज लगाई थी और साथियों से रस्सी लाने को कहा था। हालांकि, चेतावनी के बावजूद क्रूज आगे बढ़ता रहा और कुछ ही पलों में पानी में समा गया।
सामूहिक प्रयास से बचाए गए यात्री
बिहार के राज कुमार और गोरखपुर के शिवनाथ ने बताया कि जब तक वे क्रूज तक पहुंचते, वह पूरी तरह डूब चुका था। कई यात्री पहले ही पानी में गिर चुके थे, जिन्हें मजदूरों ने मिलकर बाहर निकाला।
खराब मौसम बना हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज आंधी और खराब मौसम के चलते क्रूज संतुलन खो बैठा और डूब गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।