uttarakhand: हरिद्वार कांवड़ियों की मौत मामले में नया मोड़, NHAI के खिलाफ केस दर्ज
हरिद्वार: हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में निर्माणाधीन हाईवे फ्लाईओवर के नीचे लोहे का भारी गर्डर गिरने से दो कांवड़ियों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही की गहन जांच में जुट गई है।

यह हादसा शनिवार को बढ़ेड़ी राजपूतान गांव के पास हुआ था। दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र निवासी अक्षित उर्फ तनुज (21) और कृष्ण (18) की मौत हो गई थी। दोनों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर लौट रहे थे।
आराम के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
पुलिस के मुताबिक, यात्रा के दौरान दोनों युवक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे कुछ देर विश्राम करने के लिए रुके थे। इसी दौरान वहां रखे लोहे के भारी गर्डर अचानक खिसककर उनके ऊपर गिर पड़े। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि भारी लोहे के गर्डरों को बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी और चेतावनी के खुले स्थान पर रखा गया था, जिससे यह हादसा हुआ। यदि निर्माण एजेंसी ने आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए होते तो दोनों युवकों की जान बच सकती थी।
परिजनों ने इस मामले में NHAI और निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
बहादराबाद थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
कांवड़ मेले में बढ़ रही हादसों की संख्या
इस वर्ष उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के दौरान अब तक छह श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें चार श्रद्धालुओं की गंगनहर में डूबने से मौत हुई, जबकि दो श्रद्धालुओं ने निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे गर्डर गिरने की घटना में जान गंवाई। इस हादसे के बाद निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था और कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब ऐसे सभी निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रहा है।