नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच ब्लूटूथ-आधारित मैसेजिंग ऐप BitChat को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार ने ऐप से संबंधित सामग्री हटाने के लिए क्लाउड-आधारित डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म GitHub को निर्देश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद डिजिटल अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।

छात्र आंदोलन के दौरान बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दावा है कि प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हैं। ऐसे में प्रदर्शनकारी आपसी संपर्क बनाए रखने के लिए BitChat ऐप का उपयोग कर रहे थे। इसी बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार ने GitHub को इस ऐप से जुड़ी सामग्री हटाने का निर्देश जारी किया।
हालांकि, सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कार्रवाई ऐप के स्रोत कोड, रिपॉजिटरी या किसी अन्य सामग्री से संबंधित है।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि BitChat का इस्तेमाल कथित तौर पर देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। इसी आधार पर संबंधित प्लेटफॉर्म को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है BitChat?
BitChat एक ब्लूटूथ-आधारित मैसेजिंग एप्लिकेशन है, जिसे ट्विटर (अब X) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी ने विकसित किया है।
इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि संदेश भेजने और प्राप्त करने के लिए इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या वाई-फाई की आवश्यकता नहीं होती। यह Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक के जरिए आसपास मौजूद डिवाइसों के बीच सीधे संचार स्थापित करता है।
कैसे काम करती है BLE तकनीक?
BitChat का उपयोग करने के लिए केवल मोबाइल फोन का ब्लूटूथ चालू होना आवश्यक है। इसके बाद ऐप आसपास मौजूद अन्य BitChat उपयोगकर्ताओं से कनेक्ट होकर संदेशों का आदान-प्रदान करता है। यही कारण है कि इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में भी सीमित दूरी के भीतर संचार संभव हो सकता है।
जैक डॉर्सी और IFF ने उठाए सवाल
सरकारी आदेश की प्रति साझा करते हुए BitChat के संस्थापक जैक डॉर्सी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने भी इस कदम का विरोध करते हुए इसे डिजिटल अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है।
एक वर्ष में 10 लाख से अधिक डाउनलोड
BitChat को जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था। दावा किया जा रहा है कि लॉन्च के एक वर्ष के भीतर इसे 10 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। फिलहाल ऐप की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और सरकार की कार्रवाई के बाद इसके भविष्य पर नजर बनी हुई है।
the government of india does not like technologies like bitchat and wants it taken down pic.twitter.com/gjzMg1NGCi
— jack (@jack) July 24, 2026
डिजिटल अधिकार बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहस
BitChat को लेकर केंद्र सरकार की कार्रवाई ने राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी और वैकल्पिक संचार माध्यमों के उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकारी निर्देशों के बाद GitHub और अन्य संबंधित प्लेटफॉर्म क्या कदम उठाते हैं तथा इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
(नोट: इस मामले में सरकार, GitHub और BitChat की ओर से आगे जारी होने वाले आधिकारिक बयानों के आधार पर स्थिति में बदलाव संभव है।)