

गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने रबी फसलों की बुवाई से पहले मिट्टी की जांच कराने, संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने और जल संरक्षण के उपाय अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को उन्नत बीजों के चयन तथा फसलों को कीटों और रोगों से बचाने के तरीकों के बारे में भी विस्तार से बताया।
इसके अलावा किसानों को सब्जियों और फलों के उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने कृषि से संबंधित सरकारी योजनाओं और अनुदान का लाभ उठाने के लिए किसानों को जागरूक किया।
गोष्ठी के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी अपनी समस्याएं और सवाल भी रखे। वैज्ञानिकों ने मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान बताते हुए बेहतर कृषि पद्धतियां अपनाने की सलाह दी।
इस अवसर पर डॉ. अनिल चंद्रा, डॉ. प्रतिभा सिंह, डॉ. अनिल सैनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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