

भ्रष्टाचार और 210 करोड़ रुपये के मामले पर चर्चा की मांग
सत्र के दूसरे दिन बुधवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन के बाहर धरना दिया। विपक्षी विधायक भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। कांग्रेस विधायकों ने नियम 310 के तहत 210 करोड़ रुपये के मामले पर चर्चा कराने की मांग करते हुए वेल में पहुंचकर नारेबाजी की। इस दौरान काले झंडे दिखाए गए और अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी नारे लगाए गए।
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। पहले कार्यवाही सुबह 11:20 बजे और फिर दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। बाद में सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। इसी बीच सरकार ने अनुपूरक बजट और अन्य विधेयक पारित करा दिए।
विपक्ष पर संसदीय कार्य मंत्री ने उठाए सवाल
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष के विरोध पर कहा कि सदन में सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास नियम 58 के तहत चर्चा का अवसर था, लेकिन उसने इसका उपयोग नहीं किया।
उनियाल ने कहा, “सदन का महत्वपूर्ण समय था। नियम 310 की सूचना तात्कालिक विषयों के लिए होती है। विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है।” उन्होंने विपक्ष के रवैये को प्रदेश के हितों के नुकसान से भी जोड़ा।
बाढ़ सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा उठा
सदन में बाढ़ सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस विधायक मोहम्मद शहजाद ने नियम 58 के तहत इस विषय पर चर्चा की मांग की, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार की ओर से जवाब दिया।
इसके अलावा कोटद्वार में मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए दीवार बनाने का मामला भी सदन में उठा। इस काम में स्थानीय लोगों की ओर से खर्च की गई राशि का मुद्दा सामने आने पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सरकार को स्थानीय लोगों का पैसा लौटाने के निर्देश दिए।
फोटो सेशन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में मतभेद
विधानसभा सत्र के दौरान फोटो सेशन को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद देखने को मिले। विधायक अरविंद पांडेय ने विपक्ष के फोटो सेशन से अलग रहने पर आपत्ति जताई। वहीं, सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की।
विपक्ष का कहना था कि विधायकों के साथ हुए व्यवहार के बाद फोटो सेशन में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं था। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि नए विधायकों के फोटो सेशन का अवसर निकल गया है।
गैरसैंण में इस साल दूसरी बार आयोजित हुआ सत्र
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में इस साल मार्च के बाद दूसरी बार विधानसभा सत्र आयोजित किया गया। राज्य गठन के बाद गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी।
इस दो दिवसीय सत्र में अनुपूरक बजट और विभिन्न विभागों से संबंधित विधेयकों पर चर्चा और विधायी कार्यवाही निर्धारित रही। हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के बीच सदन ने बजट और सभी 10 विधेयकों को पारित किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।