

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 30 से 40 न्यूरो संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
न्यूरो विभाग के सभी प्रमुख पद खाली
राजकीय मेडिकल कॉलेज में न्यूरो संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरो फिजिशियन के साथ न्यूरोसर्जन, न्यूरो-रेडियोलॉजिस्ट और न्यूरो-एनेस्थेटिस्ट के पद भी खाली हैं।
विशेषज्ञों की कमी का असर गंभीर मरीजों के उपचार पर भी पड़ रहा है। खासकर ब्रेन स्ट्रोक जैसी आपातकालीन स्थिति में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजने की जरूरत पड़ रही है।
रोजाना 30 से 40 मरीज पहुंच रहे ओपीडी
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन न्यूरो संबंधी समस्याओं के लगभग 30 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ब्रेन स्ट्रोक, मिर्गी, माइग्रेन और नसों से संबंधित बीमारियों से पीड़ित मरीज शामिल हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल में इन मरीजों की संपूर्ण जांच और इलाज की सुविधा सीमित है। मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी या अन्य उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों को अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ रही है और इलाज में देरी की आशंका भी बनी रहती है।
ईईजी और ईएमजी जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी
न्यूरो विभाग में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को पत्र भेजकर सभी रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होने पर न्यूरो संबंधी बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।
इसके तहत ईईजी (EEG) और ईएमजी (EMG) जैसी जांच सुविधाएं शुरू करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इन जांचों से मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों और मांसपेशियों व नसों से जुड़ी समस्याओं के आकलन में मदद मिलती है।
हालांकि, इन सुविधाओं का संचालन विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
शासन को भेजा पत्र, भर्ती का इंतजार
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने न्यूरो विभाग से जुड़े रिक्त पदों को भरने के लिए शासन से जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होने के बाद ही मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा, “न्यूरो विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजिशियन समेत न्यूरो से जुड़े अन्य रिक्त पदों को भरने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। पद भरते ही मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।”
फिलहाल, मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर शासन के स्तर पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है। नियुक्तियां होने तक न्यूरो संबंधी गंभीर बीमारियों के मरीजों को उपचार के लिए दूसरे चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ सकता है।