
Bareilly News: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित लालपुर गांव का एक आलीशान फार्म हाउस भी चर्चा में आ गया है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की जांच में सामने आया है कि फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस परिसर में तीन मंजिला कोठी, गेस्ट हाउस और स्वीमिंग पूल समेत कई निर्माण होने की जानकारी है। फिलहाल प्राधिकरण जमीन के स्वामित्व, निर्माण और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहा है।

वायरल वीडियो के बाद फार्म हाउस को लेकर बढ़ी चर्चा
रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद के बाद लालपुर स्थित फार्म हाउस को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और विपक्ष की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद फार्म हाउस के निर्माण, भूमि स्वामित्व और संबंधित दस्तावेजों की स्थिति चर्चा का विषय बन गई है।
हालांकि, फार्म हाउस से जुड़े निर्माण और स्वामित्व संबंधी मामलों में अंतिम स्थिति प्राधिकरण की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
2024 में कंपाउंडिंग के लिए किया गया था आवेदन
बरेली विकास प्राधिकरण के अनुसार, इज्जतनगर क्षेत्र के लालपुर गांव में स्थित फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। वर्ष 2024 में पप्पू गिरधारी के करीबी सत्येंद्र राठौर की ओर से परिसर में हुए निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया था। हालांकि, निर्धारित शुल्क जमा नहीं होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
BDA सचिव हिमांशु गुप्ता के मुताबिक, जनवरी 2026 में निर्माण से संबंधित कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद सितंबर 2026 में भी संबंधित पक्ष को नोटिस दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पक्ष ने कमियां दूर करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं।
प्राधिकरण का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अलग-अलग गाटा संख्या में दर्ज है फार्म हाउस की जमीन
फार्म हाउस परिसर में शामिल भूमि अलग-अलग गाटा संख्या में विभिन्न लोगों के नाम पर दर्ज बताई गई है। BDA से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नाम पर 3,300 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा दर्ज है। परिसर की कुछ अन्य भूमि कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर बताई गई है।
इस कंपनी में हिस्सेदारी से संबंधित जानकारी रेखा आर्या के चुनावी हलफनामों में दर्ज होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, भूमि के स्वामित्व और कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि के लिए प्राधिकरण की जांच जारी है।
BDA अधिकारियों ने क्या कहा?
बरेली विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह के अनुसार, लालपुर स्थित फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। परिसर की जमीन अलग-अलग गाटा संख्या में विभिन्न लोगों के नाम पर दर्ज है। इसमें रेखा आर्या के नाम पर दर्ज 3,300 वर्ग मीटर भूमि और कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर दर्ज जमीन भी शामिल है।
वहीं, BDA सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया कि निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए वर्ष 2024 में आवेदन किया गया था। इसके बाद प्राधिकरण ने कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किए। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित पक्ष को पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। अब आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
रेखा आर्य के पास 210 करोड़ की अकूत संपत्ति’, गिरधारी लाल साहू ने लगाये गंभीर आरोप @rekhaaryaoffice
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रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच क्या है विवाद?
रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच पारिवारिक विवाद भी इन दिनों चर्चा में है। रेखा आर्या ने अपने पति पर पहली शादी छिपाकर विवाह करने, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाने जैसे आरोप लगाए हैं।
रेखा आर्या ने एक कथित ऑडियो साझा कर हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप भी लगाया है। दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कथित ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया बताया है। उन्होंने रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के साथ उनकी कथित संपत्ति को लेकर भी दावे किए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल बरेली विकास प्राधिकरण की जांच फार्म हाउस के स्वीकृत मानचित्र, निर्माण की वैधता, कंपाउंडिंग आवेदन और भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों पर केंद्रित है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच जारी विवाद के चलते लालपुर स्थित फार्म हाउस का मामला भी राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में है। हालांकि, निर्माण और भूमि स्वामित्व से जुड़े सवालों पर अंतिम स्थिति संबंधित अभिलेखों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।