
इन चार गिरफ्तारियों के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या सात हो गई है। जांच एजेंसियां अब हथियारों की सप्लाई, कथित शूटरों से संपर्क और फायरिंग की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।

मुंबई पुलिस को मिली आरोपियों की गिरफ्तारी की अनुमति
दिल्ली पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) की मुंबई टीम ने उनसे पूछताछ और मामले में औपचारिक गिरफ्तारी के लिए अदालत से अनुमति मांगी।
अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए चारों आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति दे दी। साथ ही, आगे की जांच के लिए उन्हें मुंबई ले जाने के उद्देश्य से तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड भी मंजूर की गई।
हथियारों की सप्लाई और मुंबई तक पहुंचाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुणाल और सुमित पर कथित तौर पर हथियारों की व्यवस्था करने में भूमिका निभाने का आरोप है। वहीं, राधा और बबीता पर हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने और उन्हें कथित शूटरों तक पहुंचाने में मदद करने का संदेह है।
पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई गई थीं। वहां उन्होंने एक व्यक्ति से संपर्क कर हथियार सौंपे थे। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हथियार कहां से हासिल किए गए, उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया गया और आरोपियों के बीच संपर्क स्थापित करने में किसकी क्या भूमिका रही।
हालांकि, आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की पुष्टि आगे की जांच और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कोटा से पहले गिरफ्तार किए गए थे तीन कथित शूटर
इस मामले में इससे पहले राजस्थान के कोटा से तीन कथित शूटरों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया। दिल्ली से चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब तक इस मामले में कुल सात लोगों को पकड़ा जा चुका है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग की कथित साजिश किसने रची, हथियार उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही और घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों को निर्देश कहां से मिले।
18 अक्टूबर को जुहू इलाके में हुई थी फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। घटना के दौरान अभिनेता सुरक्षित रहे।
इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित ने ली थी। बताया जाता है कि वह भी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। हालांकि, कथित गैंग कनेक्शन और फायरिंग की घटना में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
हथियारों के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
दिल्ली से चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा हथियारों की खरीद-फरोख्त, उनकी आवाजाही और कथित शूटरों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क पर केंद्रित हो गया है। मुंबई ले जाए जाने के बाद आरोपियों से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है।
फिलहाल, जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।