

17 जुलाई की रात स्कूटी लेकर निकला था शारिक
मोहम्मद शारिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट का निवासी था। वह देहरादून की आजाद कॉलोनी में किराये के कमरे में रहकर एक विश्वविद्यालय से रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी में बीएससी की पढ़ाई कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक, 17 जुलाई की रात करीब 10 बजे शारिक अपनी स्कूटी लेकर कमरे से निकला था। बताया जाता है कि उसने कमरे में मौजूद एक व्यक्ति से करीब आधे घंटे में वापस आने की बात कही थी। लेकिन इसके बाद वह नहीं लौटा।
काफी देर तक शारिक के वापस नहीं आने पर परिजनों और उसके साथ रहने वाले युवकों ने उसकी तलाश शुरू की। उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा। तमाम कोशिशों के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर परिवार ने पुलिस से संपर्क किया।
18 जुलाई को दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी
शारिक के लापता होने के अगले दिन, 18 जुलाई को उसके पिता मोहम्मद तारिक ने पटेल नगर कोतवाली में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक छात्र का कोई पता नहीं चल सका।
बाद में पुलिस ने अपहरण से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। करीब तीन महीने तक छात्र की तलाश जारी रही। अब किमाड़ी के जंगल में उसका कंकाल मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
ड्रोन से तलाशी के दौरान जंगल में मिला कंकाल
पुलिस ने छात्र की तलाश के लिए ड्रोन की मदद ली थी। इसी अभियान के दौरान किमाड़ी क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर अंदर जंगल में कंकाल बरामद हुआ। परिजनों ने मौके पर मिले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान मोहम्मद शारिक के रूप में की।
कंकाल मिलने के बाद पुलिस अब मौत की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि शारिक जंगल तक कैसे पहुंचा, उसकी मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
साथ रहने वाले दो युवकों पर हत्या का आरोप
शारिक के परिजनों ने उसके साथ किराये के कमरे में रहने वाले दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार ने पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, परिजनों के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जांच पूरी होने और ठोस साक्ष्य सामने आने से पहले किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पुलिस जांच में जुटी, मौत की वजह का पता लगाना प्राथमिकता
पटेल नगर कोतवाली प्रभारी नरेश राठौर के अनुसार, मामले की जांच जारी है। पुलिस छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाने में जुटी है।
अब जांच का मुख्य फोकस शारिक की मौत की वजह स्पष्ट करना और यह पता लगाना है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता थी या नहीं। कंकाल की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं, जिनके जवाब जांच के निष्कर्षों से ही मिल सकेंगे।
17 जुलाई की रात घर से निकले मोहम्मद शारिक के साथ आखिर क्या हुआ, वह किमाड़ी के जंगल तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई—इन सवालों का जवाब अब पुलिस जांच पर टिका है।