नई दिल्ली: मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता रामशरण नौटियाल ने एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। सोमवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मौजूद रहे।


भाजपा छोड़ने के पीछे बताया अपमान और अनुशासनहीनता को कारण
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद रामशरण नौटियाल ने कहा था कि किसी भी समर्पित कार्यकर्ता के लिए मान-सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में उन्हें कई वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं का सहयोग एवं स्नेह मिला, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर उनका अपमान किया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया था कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य ठेके-पट्टे हासिल करना या निजी लाभ उठाना नहीं था। उनके मुताबिक, उन्होंने हमेशा अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी।
भाजपा संगठन की कार्यप्रणाली पर उठाए थे सवाल
रामशरण नौटियाल ने भाजपा छोड़ने की वजह बताते हुए संगठन में अनुशासनहीनता का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वह भाजपा में इस उम्मीद के साथ आए थे कि पार्टी में कड़ा अनुशासन होगा, लेकिन उन्हें अपने अनुभव में इसके विपरीत स्थिति देखने को मिली।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वानों का पूरी निष्ठा से पालन करने की बात भी कही थी। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी के कुछ नेता टिकट की मांग करने के साथ-साथ उनके बारे में पीठ पीछे नकारात्मक टिप्पणियां भी करते थे।
नौटियाल ने यह भी दावा किया था कि पार्टी के भीतर कुछ लोग अपने ही अनुसूचित जाति वर्ग के मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी करते हैं।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी को उत्तराखंड की राजनीति के लिहाज से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब उनके कांग्रेस में शामिल होने के बाद राज्य में पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति और चकराता क्षेत्र की राजनीति पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर नजरें रहेंगी।