चमोली, उत्तराखंड: उत्तराखंड के पहाड़ों में उत्पादित कीवी अब देश की राजधानी दिल्ली के बड़े बाजार तक पहुंचने जा रही है। चमोली जिले से पहली बार 200 कुंतल कीवी की खेप दिल्ली की आजादपुर मंडी के लिए रवाना की गई है। इसे जिले के बागवानों के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे किसानों को स्थानीय बाजारों से आगे अपनी उपज बेचने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को वास्तविक लाभ मंडी में मिलने वाले भाव और परिवहन सहित अन्य खर्चों पर निर्भर करेगा।
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पहली बार दिल्ली की मंडी के लिए रवाना हुई कीवी
चमोली की बागवानी को बड़े बाजारों से जोड़ने के उद्देश्य से कीवी की खेप दिल्ली भेजी गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने विकास भवन परिसर से कीवी से लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में उद्यानिकी और फल उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच इस पहल को अहम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पहाड़ों में उत्पादित फलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और किसानों की विपणन संबंधी चुनौतियों को कम करना है।
800 किसान 62 हेक्टेयर में कर रहे कीवी की खेती
चमोली जिले में कीवी उत्पादन किसानों की आजीविका के एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहा है। मिशन कीवी के तहत जिले में करीब 800 काश्तकार लगभग 62 हेक्टेयर भूमि पर इसकी खेती कर रहे हैं।
इस वर्ष जिले में 500 कुंतल से अधिक कीवी उत्पादन होने की जानकारी दी गई है। अब तक किसानों का मुख्य जोर उत्पादन बढ़ाने पर रहा है, लेकिन उपज को उचित बाजार तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती रही है।
ऐसे में 200 कुंतल कीवी दिल्ली की आजादपुर मंडी भेजे जाने से किसानों को बड़े बाजार में अपनी उपज बेचने और नए खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक किसानों को मिलेगा सहयोग
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी के अनुसार, उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों को कीवी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग और पैकेजिंग सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, उनकी विपणन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सीमित स्थानीय बाजारों पर निर्भर रहने से राहत दिलाना है। बेहतर पैकेजिंग, उचित परिवहन और बड़े बाजारों तक पहुंच मिलने से पहाड़ी फलों के कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है।
अगले साल 60 हेक्टेयर में बढ़ेगी कीवी की खेती
मुख्य उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह के अनुसार, चमोली जिले में कीवी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2026-27 में अतिरिक्त 60 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके तहत करीब 400 नए किसानों को कीवी उत्पादन से जोड़ने की योजना है। किसानों को हावर्डस, एलिसन, मॉन्टी, ब्रूनो, एबॉट और लिमोन एलिना सहित विभिन्न किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने की उम्मीद, बाजार भाव पर रहेगी नजर
चमोली की कीवी का पहली बार दिल्ली की आजादपुर मंडी पहुंचना स्थानीय बागवानों के लिए नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है। बड़े बाजार में पहुंच से किसानों को नए खरीदारों और कारोबारियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, किसानों की आय में वास्तविक बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्हें मंडी में कितना भाव मिलता है और परिवहन, पैकेजिंग व अन्य खर्च कितने रहते हैं। यदि दिल्ली तक विपणन की यह व्यवस्था नियमित रूप से जारी रहती है, तो आने वाले समय में चमोली की कीवी को व्यापक बाजार मिल सकता है।
चमोली से दिल्ली भेजी गई 200 कुंतल कीवी की खेप पहाड़ की बागवानी को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस पहल से किसानों को कितना आर्थिक लाभ मिलता है और भविष्य में विपणन व्यवस्था कितनी मजबूत होती है।