देहरादून। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर से होने जा रहा है। इस बार नवरात्र पर्व दस दिनों तक मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार को नवरात्र शुरू होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जबकि विदाई मुर्गे पर मानी जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल का प्रतीक माना जाता है।


नवरात्र को लेकर मंदिरों और घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालु व्रत रखकर देवी की आराधना करेंगे और घरों में विधि-विधान से घटस्थापना कर नौ दिनों तक पूजा-पाठ करेंगे।
घटस्थापना के लिए सुबह 6:19 से 8:38 बजे तक शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष घटस्थापना के लिए सुबह 6:19 बजे से 8:38 बजे तक का मुहूर्त बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान कर सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. मंजू जोशी के अनुसार, इस बार नवरात्र के दौरान चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के साथ कई अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं। इनमें लक्ष्मी-नारायण योग, हस्त नक्षत्र, शुक्ल योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का उल्लेख किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन योगों में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी का पूजन
इस बार तिथियों के विशेष संयोग के कारण महाष्टमी और महानवमी का पूजन 19 अक्टूबर को ही किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी के अनुसार, अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10:52 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
इसी कारण दोनों तिथियों से संबंधित पूजन एक ही दिन किए जाने की जानकारी दी गई है। श्रद्धालु अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अष्टमी पूजन, कन्या पूजन, हवन और नवमी के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे।
20 अक्टूबर को मनाई जाएगी विजयादशमी
शारदीय नवरात्र का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरे के पर्व के साथ होगा। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। देशभर में इस अवसर पर धार्मिक आयोजन, पूजा-अर्चना और रावण दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उत्तराखंड में भी नवरात्र और दशहरे को लेकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना तथा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।
मां दुर्गा की आराधना के लिए तैयारियां शुरू
शारदीय नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इन नौ दिनों में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
श्रद्धालु नवरात्र के दौरान व्रत, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। त्योहार को लेकर बाजारों में भी पूजन सामग्री, कलश, चुनरी और अन्य धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
नोट: घटस्थापना, अष्टमी-नवमी पूजन और विजयादशमी की तिथियां एवं मुहूर्त प्रकाशित करने से पहले स्थानीय पंचांग से उनका सत्यापन अवश्य कर लें।