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प्रदर्शन से पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों सौरभ दास तथा आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के बाद हिरासत में ले लिया गया। इसके अलावा, यूट्यूबर ध्रुव राठी और कंटेंट क्रिएटर काव्या कर्नाटक समेत कई अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने सहयोगियों सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे थे। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में उन्हें नेतृत्व करना था, लेकिन दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मी विमान के अंदर पहुंचीं और तीनों को हिरासत में लिया। इस दौरान दीपके ने पुलिस से कहा कि वह गिरफ्तार होने के लिए ही दिल्ली आए हैं और उन्हें पुलिस कार्रवाई का डर नहीं है।
यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जाना था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है।
ध्रुव राठी और काव्या कर्नाटक भी हिरासत में
प्रदर्शन से पहले कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। वहीं, कंटेंट क्रिएटर काव्या कर्नाटक को भी दिल्ली में सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
कॉकरोच जनता पार्टी और प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने इन कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को प्रतिबंधों का आधार बताया है।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मेट्रो और रेल सेवाएं प्रभावित
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई तथा प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच बढ़ा दी गई।
दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए। हालांकि, प्रभावित स्टेशनों पर कुछ इंटरचेंज सुविधाएं चालू रखी गई थीं। मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए गए।
रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली से संबंधित 245 ट्रेन सेवाएं रद्द की गईं। कुछ अन्य ट्रेनों के समय और संचालन में भी बदलाव किया गया। इन प्रतिबंधों से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, अनुमति संबंधी प्रक्रिया और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
वहीं, प्रदर्शन के आयोजकों ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधों और हिरासत की कार्रवाई के जरिए लोगों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कार्रवाई को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर है विवाद
विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया है। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसी को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताता रहा है। मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया और उसके प्रभावों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
राजधानी में आम लोगों की आवाजाही पर असर
प्रदर्शन के मद्देनजर लगाए गए प्रतिबंधों का असर दिल्ली में आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद होने, ट्रेनों के रद्द होने और प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग के कारण यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
फिलहाल, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पथराव से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।