उत्तरकाशी। गंगोत्री हिमालय में समुद्रतल से करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए देश का पहला बड़े स्तर का सफल हेली रेस्क्यू अभियान चलाया गया। दो दिन तक चले इस अभियान में यूकाडा की हेली सेवाओं और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की मदद से 67 पर्वतारोहियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

गंगोत्री हिमालय में बीते शनिवार को हुई भारी बर्फबारी के कारण अलग-अलग चोटियों और दर्रों पर 136 ट्रैकर्स और पर्वतारोही फंस गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान शुरू किया। तेज हवाओं और कठिन मौसम के बावजूद यूकाडा के चार हेलिकॉप्टरों के जरिए रेस्क्यू टीमों ने अभियान को अंजाम दिया।
20 हजार फीट तक पहुंची रेस्क्यू टीम
जोगिन-वन, कालिंदी पास, सतोपंथ चोटी, ओडेन कॉल पास और वासुकीताल जैसे क्षेत्र समुद्रतल से करीब 15 हजार से 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। इन बेहद दुर्गम इलाकों में मौसम की चुनौती के बीच हेलिकॉप्टरों से बचाव अभियान चलाया गया।
सोमवार को ओडेन कॉल पास और कालिंदी पास से करीब 40 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला गया। मंगलवार को अभियान दोबारा शुरू किया गया और कालिंदी पास के साथ जोगिन-वन, वासुकीताल और सतोपंथ क्षेत्र से 27 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
हर्षिल में अभियान की निगरानी कर रहीं एडीएम मुक्ता मिश्र के अनुसार, रेस्क्यू किए गए लोगों में ओडेन कॉल पास से 29, जोगिन-1 से 8, सतोपंथ से 8, कालिंदी पास से 19 पर्वतारोही और वासुकीताल से तीन पोर्टर शामिल हैं।
बर्फबारी के बीच चला अभियान
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में करीब पांच फीट तक बर्फबारी होने के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। जिला प्रशासन के साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ, वन विभाग और यूकाडा की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान को अंजाम दिया।
गढ़वाल माउंटेनियरिंग एंड ट्रैकिंग एजेंसी एसोसिएशन के मनोज रावत ने कहा कि भारी बर्फबारी के बीच प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने मजबूती से काम किया। उन्होंने अभियान में यूकाडा की हेली सेवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
ट्रैकिंग एजेंसी संचालक मुकेश पंवार ने इसे बड़े स्तर का अभियान बताते हुए कहा कि इससे पहले इतने व्यापक स्तर पर उच्च हिमालयी क्षेत्र में हेली रेस्क्यू का उदाहरण सामने नहीं आया है। उन्होंने ट्रैकिंग और पर्वतारोहण एजेंसियों को किराये पर सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
कुछ पर्वतारोहियों ने अभियान जारी रखने की जताई इच्छा
रेस्क्यू अभियान के बाद भी कुछ पर्वतारोहण दल अपने अभियान को पूरा करना चाहते हैं। श्रीकंठ अभियान पर गया 18 सदस्यीय एसएसबी दल अभियान जारी रखना चाहता है। वहीं सुदर्शन पीक पर 12 सदस्य, भागीरथी-2 (आर्मी) में 20 सदस्य, भागीरथी-2 में 9 सदस्य, शिवलिंग में 7 सदस्य और 5 सदस्यीय एक अन्य दल अपने स्तर पर सुरक्षित वापसी कर रहा है।
प्रशासन के मुताबिक, जिन पर्वतारोहियों को तत्काल रेस्क्यू की आवश्यकता थी, उन्हें सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसके बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चलाया गया विशेष हेली रेस्क्यू अभियान समाप्त कर दिया गया है।
अगस्त में नुन-कुन चोटी से भी हुआ था रेस्क्यू
इससे पहले अगस्त में सेना के हेलिकॉप्टर ने लद्दाख क्षेत्र में समुद्रतल से करीब 18,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित नुन-कुन चोटी से एक घायल पर्वतारोही का सफल रेस्क्यू किया था। हालांकि गंगोत्री हिमालय में दो दिन तक चला मौजूदा अभियान बड़े पैमाने पर किया गया संयुक्त हेली रेस्क्यू अभियान रहा, जिसमें 67 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।