नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रवासी उत्तराखंडियों और बुद्धिजीवियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के विकास, रोजगार, निवेश, पर्यटन और कनेक्टिविटी समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रतिभागियों ने राज्य के विकास को लेकर कई सुझाव भी दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में प्रवासी उत्तराखंडियों और प्रबुद्धजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार इन्हें नीतियां तैयार करते समय शामिल किया जाएगा।

पर्यटन और स्वरोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्यटन, स्वरोजगार, स्थानीय कारोबार और निवेश को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने रिवर्स माइग्रेशन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में इसमें 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
धामी ने कहा कि होमस्टे, छोटे होटल, कृषि और बागवानी जैसे क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
कनेक्टिविटी को निवेश के लिए बताया अहम
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और हवाई सेवाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने पंतनगर को कृषि और उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में रेखांकित करते हुए प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति का दावा
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।
उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून समेत विभिन्न कदमों का उल्लेख किया।
चारधाम और सीमांत क्षेत्रों पर फोकस
धामी ने पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताते हुए चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन के साथ-साथ खेल और शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य में संभावनाओं को बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत ढांचा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।