देहरादून: उत्तराखंड में सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 25 सितंबर के मौसम बुलेटिन के अनुसार, 26 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य के पांच जिलों में 26 सितंबर को कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
पांच जिलों में 26 सितंबर को स्कूल बंद
खराब मौसम और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में शनिवार, 26 सितंबर को कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
स्थानीय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक सावधानी बरतने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
26-27 सितंबर को कई इलाकों में बारिश की संभावना
IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत समेत कई क्षेत्रों में 26 और 27 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है।
ट्रेकिंग और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आवाजाही पर नजर
खराब मौसम को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौसम खराब रहने के दौरान ट्रेकर्स को अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा भारी बारिश और असामान्य मौसम की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर आवश्यक नियंत्रण रखने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन तंत्र हाई अलर्ट पर
प्रशासन ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा है। अधिकारियों को किसी भी दुर्घटना या आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने और सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के सभी नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस चौकियों और थानों को भी आपदा संबंधी उपकरणों और वायरलेस सेट के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
सड़क बंद होने पर तत्काल बहाली के निर्देश
भारी बारिश के कारण मोटर मार्गों के बाधित होने की आशंका को देखते हुए एनएच, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एडीबी, बीआरओ, डब्ल्यूबी और सीपीडब्ल्यूडी समेत संबंधित एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सड़क के बाधित होने की स्थिति में संबंधित एजेंसी तत्काल मौके पर पहुंचकर मार्ग खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करे।
अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में रहने के निर्देश
अलर्ट अवधि के दौरान राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर मौसम की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फील्ड में तैनात कर्मचारियों को वाहनों में बरसाती, छाता, टॉर्च, हेलमेट और अन्य जरूरी उपकरण रखने के लिए कहा गया है।
फंसे लोगों के लिए भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि खराब मौसम के कारण यदि कहीं लोग फंसते हैं तो उन्हें तत्काल खाद्य सामग्री और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
शहरी और कस्बाई क्षेत्रों में नालियों और कलवर्ट में मौजूद अवरोधों को भी तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति को कम किया जा सके।
28 सितंबर को भी बारिश का अलर्ट
IMD के 25 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, 28 सितंबर को भी उत्तराखंड में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। वहीं, 29 और 30 सितंबर के लिए राज्य स्तर पर फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक जोखिम से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।