हरिद्वार: हरिद्वार जिले के बहादराबाद थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवकों से ठगी और लूट करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य युवकों को शादी के लिए अपने जाल में फंसाते थे और बाद में नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें बेहोश कर नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे। मामले में पुलिस ने एक कथित फर्जी दुल्हन समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

शादी का झांसा देकर युवकों को बनाते थे निशाना
बहादराबाद पुलिस के अनुसार, आरोपी ऐसे युवकों को निशाना बनाते थे जो शादी करना चाहते थे। गिरोह में शामिल महिला को दुल्हन के तौर पर पेश कर युवक को शादी के लिए तैयार किया जाता था।
पुलिस का दावा है कि मुलाकात या शादी के बाद योजनाबद्ध तरीके से युवक को नशीला पदार्थ खिलाया जाता था। इसके बाद उसके घर से नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर आरोपी फरार हो जाते थे।
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में रुकमीना, अब्दुल बारी, पुनीत कुमार, पुनीत की पत्नी और फतेह सिंह मीना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह में महिला की भूमिका युवकों को शादी के नाम पर अपने जाल में फंसाने की थी।
हालांकि, आरोपियों की भूमिका और गिरोह के पूरे नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।
70 हजार रुपये नकद और नशीला पाउडर बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 70 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और नशीला पाउडर बरामद करने का दावा किया है। वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार को भी सीज किया गया है।
बरामदगी और पूछताछ के आधार पर पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में गिरोह के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और दूसरे राज्यों में उनके संभावित मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया और इसमें कितने अन्य लोग शामिल हैं।
कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। कोर्ट की प्रक्रिया के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, संभावित अन्य आरोपियों और पुराने मामलों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। आरोपियों के खिलाफ मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।