हरिद्वार: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत आज दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचे। प्रदेश में प्रवेश के दौरान उन्होंने सबसे पहले रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।


इसके बाद नारसन बॉर्डर से हरिद्वार तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर हरीश रावत का स्वागत किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे।
हरिद्वार में मां गंगा की पूजा-अर्चना
हरिद्वार पहुंचने पर हरीश रावत ने स्वामी विवेकानंद गंगा घाट पर पूजा-अर्चना की और मां गंगा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने अपनी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और हाल में हुए उपचार को लेकर भी जानकारी साझा की।
रावत ने उपचार के दौरान सहयोग करने वाले चिकित्सकों के साथ-साथ उनका हालचाल लेने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का आभार जताया।
‘पार्टी का फैसला सर्वोपरि’
अपने ओएसडी पर लगे आरोपों को लेकर हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सीबीआई और ईडी की कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो जाता है। रावत ने कहा कि कुछ समय बाद यह स्पष्ट होता है कि इन कार्रवाइयों के पीछे क्या कारण थे।
कांग्रेस में इस्तीफे से जुड़े सवाल पर रावत ने कहा कि पार्टी का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और फिलहाल पार्टी के एक कार्यकर्ता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
मीठी बेरी में पुल निर्माण का मुद्दा उठाया
हरीश रावत ने इस दौरान मीठी बेरी में पुल निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुल का निर्माण हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हुआ है।
उन्होंने सरकार से इस मामले में ध्यान देने और पुल निर्माण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
हरीश रावत के उत्तराखंड पहुंचने के दौरान नारसन से हरिद्वार तक कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। हरिद्वार में भी बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रावत के दौरे के दौरान शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, गंगा पूजन और राजनीतिक मुद्दों पर दिए गए उनके बयानों को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चा तेज हो गई है।