रुद्रपुर: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच वैकल्पिक ईंधन के रूप में एथेनॉल की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है। इसका सीधा लाभ ऊधम सिंह नगर के पंतनगर सिडकुल स्थित एथेनॉल उद्योगों को मिल रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए यहां की प्रमुख कंपनियों ने उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी है और कई इकाइयां अब चौबीसों घंटे संचालन कर रही हैं।

सिडकुल की कंपनियों को मिल रहे रिकॉर्ड ऑर्डर
पंतनगर सिडकुल में स्थित इंडिया ग्लाइकॉल्स, जेवी एथेनॉल और ग्रीन फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड गन्ने के शीरे, मक्का और टूटे चावल से एथेनॉल का उत्पादन करती हैं। उद्योग जगत से मिली जानकारी के अनुसार, पहले जहां इन इकाइयों में प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 2 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
बढ़ती मांग के चलते कंपनियों को इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम समेत उत्तर प्रदेश और हरियाणा की विभिन्न डिस्टिलरी इकाइयों से लगातार बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं।
20% ब्लेंडिंग लक्ष्य से बढ़ी रफ्तार
केंद्र सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी ईंधन को बढ़ावा देने की नीति का असर अब उद्योगों में साफ दिखाई देने लगा है।
उद्योग सूत्रों के मुताबिक, पहले जहां प्रतिदिन एक-दो टैंकर एथेनॉल की सप्लाई होती थी, वहीं अब कंपनियों को रोजाना चार से पांच टैंकर तक आपूर्ति के ऑर्डर मिल रहे हैं। दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी मांग लगातार बढ़ रही है।
किसानों के लिए खुल रहे नए अवसर
एथेनॉल उद्योग की बढ़ती जरूरतों का सीधा फायदा गन्ना और मक्का उत्पादक किसानों को मिलने की उम्मीद है। उद्योगों द्वारा कच्चे माल की मांग बढ़ने से किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है।
सिडकुल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया कि पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के बाद सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडिंग को और अधिक प्राथमिकता दी है। इसके चलते फैक्ट्रियों में उत्पादन लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि मांग इसी तरह बढ़ती रही तो क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
किसानों ने की सीधी खरीद केंद्र की मांग
किसान नेता सलविंदर सिंह ने कहा कि एथेनॉल की बढ़ती मांग किसानों के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे गन्ने और मक्का की फसल को बेहतर बाजार मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में किसानों से सीधी खरीद के लिए केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिल सके।
उद्योग और कृषि अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल की बढ़ती मांग केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय उद्योग, कृषि और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी। पंतनगर सिडकुल का एथेनॉल सेक्टर आने वाले समय में उत्तराखंड की औद्योगिक और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।