चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। चमोली बाजार के पास बाजपुर में बदरीनाथ हाईवे पर भारी मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया है। वहीं नारायणबगड़-नलगांव के बीच पहाड़ी दरकने से सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-109) भी पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।

दोनों मार्गों के बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं।
बाजपुर में भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद
चमोली बाजार के समीप बाजपुर में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। यहां चट्टान से लगातार रुक-रुककर मलबा गिरने की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
हाईवे बंद होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्री दोनों ओर फंस गए हैं। स्थानीय सवारियां भी मार्ग खुलने का इंतजार कर रही हैं।
B.Ed प्रवेश परीक्षा के अभ्यर्थियों की बढ़ी मुश्किल
हाईवे बंद होने का असर B.Ed प्रवेश परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों पर भी पड़ा है। परीक्षा सुबह 11 बजे से होनी है, लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने के कारण अभ्यर्थियों के सामने समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है।

नारायणबगड़-नलगांव के बीच पहाड़ी दरकी
इधर, नारायणबगड़ और नलगांव के बीच अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। भारी बोल्डर और मलबा आने से सिमली-ग्वालदम हाईवे (NH-109) पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मार्ग बंद होने के बाद हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
BRO ने संभाला मोर्चा
सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंची। पोकलैंड और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
हालांकि, लगातार बारिश और पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने की आशंका के बीच सड़क खोलने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बढ़ा
चमोली में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में यात्रियों से सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने और जोखिम वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। संबंधित एजेंसियां दोनों मार्गों को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने में जुटी हैं।