देहरादून: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर अब उत्तराखंड परिवहन निगम की बस खरीद प्रक्रिया पर भी पड़ता नजर आ रहा है। निगम द्वारा खरीदी जाने वाली 59 नई बसों की डील फिलहाल अटक गई है। निर्माता कंपनी ने वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए पहले से तय दरों पर बसों की आपूर्ति करने से इनकार कर दिया है।
निगम और निर्माता कंपनी के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर तक हर हाल में बसों की खरीद प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
पिछले वर्ष हुई थी 100 बसों की डील
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड परिवहन निगम ने जुलाई 2025 में टाटा के साथ 100 बसों की खरीद का समझौता किया था। इसके लिए परचेज ऑर्डर (PO) भी जारी कर दिया गया था। उस समय प्रति बस कीमत 35.35 लाख रुपये तय की गई थी।
इसके बाद सितंबर में केंद्र सरकार ने बसों पर लागू जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी। कर दर कम होने से प्रति बस लगभग 2.77 लाख रुपये की लागत कम हुई। इसी बचत के आधार पर निर्माता कंपनी ने उसी बजट में नौ अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था।
50 नई बसों के प्रस्ताव पर भी पड़ा असर
हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने पर्वतीय मार्गों के लिए 50 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी थी। इन बसों की अनुमानित खरीद दर 32.58 लाख रुपये प्रति बस तय की गई थी।
हालांकि, निर्माता कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि का हवाला देते हुए नई कीमत 36 लाख रुपये प्रति बस प्रस्तावित कर दी। इसके चलते नौ अतिरिक्त बसों और 50 नई बसों सहित कुल 59 बसों की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो गई है।
अक्टूबर तक पूरी करनी है खरीद प्रक्रिया
परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, सभी 59 बसों की खरीद अक्टूबर तक पूरी की जानी है। निगम ने निर्माता कंपनी से जल्द लिखित जवाब मांगा है। यदि दोनों पक्षों के बीच कीमतों को लेकर सहमति नहीं बनती है तो निगम अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।
निगम का बयान
उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने कहा कि निर्माता कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कच्चे माल की बढ़ी लागत का हवाला देते हुए पुरानी दरों पर बसें उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई है। उन्होंने बताया कि मामले का समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं और निगम का लक्ष्य अक्टूबर तक बसों की खरीद प्रक्रिया पूरी करना है.