Headline
शबाना आजमी ने कंगना रनौत को थप्पड़ मारे जाने पर रिएक्शन दिया, कहा- “मैं इस मुद्दे पर…”
नशे में धुत रवीना टंडन पर बुजुर्ग महिला को पीटने का आरोप, वीडियो वायरल
अरविंद केजरीवाल ने किया तिहाड़ जेल में सरेंडर, समर्थकों के लिए भेजा संदेश ।
आखिर क्यों पहुंचे राहुल गांधी सिद्धू मूसेवाला के घर ?
‘राफा पर सभी की निगाहें’ नामक तस्वीर हो रही है सोशल मीडिया पर वायरल। आखिर क्या है इसका मतलब जानिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मुजरा’ बयान ने विवाद उत्पन्न किया है, ‘चिंतित’ विपक्ष ने कहा ‘शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले’।
जनसभा में बोले पीएम मोदी ” शहजादों का शटर गिरने वाला है, बंद होने वाली है दुकाने”
पीएम मोदी के कार्यक्रम में किच्छा के युवक को किया गया नोमिनेट
सुप्रीम कोर्ट की फटकार : हरक सिंह रावत और किशन चंद को कॉर्बेट नेश्नल पार्क मामले में नोटिस

Voter ID: प्रदेश में अब एक नहीं चार बार मिलेगा वोट बनवाने का अवसर

आज के दौर में युवाओं का मतदान किसी भी राज्य के विकास में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। दरअसल युवाओं के मतदान से किसी भी राज्य के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है। आपको बता दे कि इसी के चलते अब उत्तराखंड में भी सरकार 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को साल में एक बार नहीं चार बार वोट बनवाने का मौका प्रदान करे रही है। निर्वाचन कार्यालय की ओर से विधानसभा मतदाता सूची को लेकर अभियान शुरू होने जा रहा है। साथ ही निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वह अपने वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करवा लें। फिलाहल यह व्यवस्था वैकल्पिक है।

सूत्रों के मुताबिक निर्वाचन कार्यालय की ओर से 19 नवंबर, 20 नवंबर, 03 दिसंबर और 04 दिसंबर को वोटर बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। सभी आपत्तियों का समाधान 26 दिसंबर तक किया जाएगा। साथ ही 05 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बातचीत के दोरान बताया कि अभी तक 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवाओं को केवल 01 जनवरी की निश्चित तिथि के आधार पर वोटर बनाने का मौका दिया जाता था। लेकिन अब उन्हें साल में चार मौकें दिए जाएंगे जो की 01 जनवरी, 01अप्रैल, 01 जुलाई और 01 अक्तूबर को आधारित किये गए है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत पहले चरण में वर्तमान मतदेय स्थलों का स्थलीय वेरिफिकेशन किया जा रहा है। जो मतदेय स्थल जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, उनकी जगह दूसरी सरकारी इमारतों में मतदेय स्थल बनाए जाएंगे। मतदेय स्थल किसी प्राइवेट भवन, पुलिस थाना, अस्पताल, धर्मशाला, मंदिर या धार्मिक स्थान पर नहीं होगा। एक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1500 वोटर ही होंगे। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि किसी मतदेय स्थल तक मतदाता को पहुंचने में दो किलोमीटर से अधिक की पैदल दूरी को तय न करना पड़े। राज्य में सभी पोलिंग स्टेशनों के दोबारा निर्धारण के लिए 04 अगस्त से 24 अक्तूबर के बीच अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 09 नवंबर को इंटिग्रेटेड मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 09 नवंबर से 08 दिसंबर के बीच क्लेम और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top