उत्तराखंड: पौड़ी में गुलदार ने ली मासूम की जान, मां के सामने उठा ले गया डेढ़ साल की बच्ची…
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के जयहरीखाल विकासखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। बरस्वार गांव में गुलदार ने घर के आंगन में मौजूद डेढ़ साल की बच्ची पर हमला कर उसकी जान ले ली। घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाकों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, बरस्वार गांव निवासी एवं पूर्व बीडीसी सदस्य बीरेंद्र सिंह की डेढ़ वर्षीय पोती याशिका अपनी मां के साथ कमरे से बाहर आंगन में आई थी। इसी दौरान पहले से झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक हमला कर बच्ची को मुंह में दबाया और मौके से फरार हो गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि मां को संभलने तक का अवसर नहीं मिला। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत खोजबीन शुरू की गई।
करीब एक घंटे बाद बच्ची का शव घर से लगभग 20 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ। परिजन बच्ची को तत्काल लैंसडाउन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लैंसडाउन रेंजर राकेश चंद्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही वन विभाग की टीम गांव में तैनात कर दी गई है।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरे लगाने, नियमित गश्त सुनिश्चित करने, गुलदार को जल्द पकड़ने और आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
उल्लेखनीय है कि पौड़ी जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। बीते समय में भी कई विकासखंडों में आबादी वाले इलाकों में गुलदार के दिखने, पालतू जानवरों पर हमले और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं से ग्रामीणों में खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।