चमोली में टीएचडीसी परियोजना में बड़ा हादसा: सुरंग में लोको ट्रालियों की टक्कर, 100 से अधिक कर्मचारी घायल
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन टीएचडीसी की विष्णुगाड़–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना में मंगलवार रात एक गंभीर हादसा हुआ। परियोजना की सुरंग में कर्मचारियों और श्रमिकों के आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाली दो लोको ट्रालियां आपस में टकरा गईं और पटरी से उतरकर पलट गईं। इस घटना में लगभग 100 से अधिक इंजीनियर, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए।

जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब साढ़े नौ बजे उस समय हुआ जब शिफ्ट समाप्त होने के बाद कर्मचारी ट्राली से सुरंग के बाहर लौट रहे थे। ट्राली में कुल 110 लोग सवार थे। इसी दौरान सुरंग में सामग्री ले जा रही दूसरी लोको ट्राली का ब्रेक फेल हो गया और वह सामने से आ रही ट्राली से टकरा गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि दोनों ट्रालियां पलट गईं।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने घायलों को सुरंग से बाहर निकाला। परियोजना प्रबंधन ने 108 एंबुलेंस और आपात सेवाओं को तुरंत सूचना दी। घायल कर्मचारियों को जिला अस्पताल गोपेश्वर और विवेकानंद चिकित्सालय पीपलकोटी में भर्ती कराया गया। प्रशासन के अनुसार 42 घायलों का उपचार जिला अस्पताल में किया गया, जबकि 17 को पीपलकोटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकांश घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घायल श्रमिकों में बड़ी संख्या बिहार, झारखंड और ओडिशा के रहने वालों की है।
टीएचडीसी की यह परियोजना 444/448 मेगावाट क्षमता वाली है और एचसीसी कंपनी द्वारा हाट गांव से हेलंग तक लगभग 13.5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें अब तक लगभग सात किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। यह परियोजना पिछले लगभग दस वर्षों से निर्माणाधीन है और इसमें करीब दो हजार कर्मचारी दिन-रात कार्यरत हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार रात में ही जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को सभी घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन के अनुसार अधिकांश घायलों की स्थिति अब स्थिर है और कई को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण एक लोको ट्राली के ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी सामने आई है। वहीं परियोजना प्रबंधक विनोद सिंह ने स्वीकार किया कि एक ही ट्रैक पर दो ट्रालियों का आमने-सामने संचालन गंभीर लापरवाही का संकेत है। पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और परियोजना प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की गई है। हादसे के बाद सुरंग के भीतर निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।