पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार से 21वें राष्ट्रीय युवा जागरण महोत्सव ‘युवा–2026’ की शुरुआत हो गई है। यह महोत्सव 15 जनवरी तक चलेगा, जिसमें देशभर से आए युवा, शिक्षाविद, शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग लेंगे। आयोजन का उद्देश्य युवा शक्ति को सार्थक संवाद और राष्ट्र-निर्माण की साझा सोच से जोड़ना है।

पूर्व अधिष्ठाता कृषि डॉ. एस.के. कश्यप ने बताया कि 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो स्वामी विवेकानंद के उस दूरदर्शी विचार को स्मरण करता है, जिसमें उन्होंने युवाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और मूल्यनिष्ठ समाज की नींव बताया था। इसी क्रम में 12 और 13 जनवरी को ‘मंथन’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मंथन कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी कानपुर, आईसीएआर–आईएआरआई, आरएलबीसीएयू झांसी, डुवासू मथुरा, उत्तरांचल विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय सहित देश के 30 से अधिक विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने शोधपत्र प्रस्तुति के लिए सहभागिता की है।
14 और 15 जनवरी को राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिता ‘उद्भव’ आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता का विषय होगा— “डिजिटल अर्थव्यवस्था भारतीय युवाओं की वास्तविक आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा करने में सक्षम है”। प्रतियोगिता हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी, जिसमें विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए प्रतिभागी अपनी तार्किक क्षमता और वक्तृत्व कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
डॉ. कश्यप ने बताया कि यह महोत्सव “सांस्कृतिक जड़ें और डिजिटल शक्ति: तकनीकी नवाचार से सांस्कृतिक सुदृढ़ीकरण और राष्ट्र-निर्माण के लिए युवाओं का मार्गदर्शन” विषय पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य डिजिटल युग की चुनौतियों के बीच सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए युवाओं को राष्ट्र-निर्माण के लिए प्रेरित करना है।
इन विशिष्ट अतिथियों की रहेगी उपस्थिति:
महोत्सव में रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी आत्मश्रद्धानंद, पद्मश्री चैतराम पंवार, ग्रींस एंड ग्रेन्स के संस्थापक प्रतीक शर्मा, इंटेल कॉर्पोरेशन के उपाध्यक्ष व सॉफ्टवेयर इंजीनियर चावन मेहरा, अखिल भारतीय आईटी प्रमुख हार्दिक मेहता तथा चाणक्य आन्वीक्षिकी के लेखक व निदेशक डॉ. राधाकृष्णन पिल्लै सहित कई अन्य प्रतिष्ठित अतिथि सहभागिता करेंगे।