

बाघ एक्सप्रेस की टक्कर से हाथी की मौके पर मौत
यह हादसा तराई केंद्रीय वन प्रभाग के रुद्रपुर डिवीजन के अंतर्गत हल्दी और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के पिलर संख्या 55/8 के पास हुआ। बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी एक नर हाथी ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाथी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में हाथी का एक दांत भी टूट गया, जबकि रेलवे की विद्युत लाइन को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दोनों विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
करीब दो घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही ट्रेन
हाथी की मौत के बाद रेलवे ट्रैक पर रेल संचालन प्रभावित हुआ। ट्रैक से शव हटाने और जरूरी कार्रवाई के चलते बाघ एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक मौके पर खड़ी रही। इससे यात्रियों को भी इंतजार करना पड़ा। वन विभाग के कर्मचारियों ने रेलवे अधिकारियों के सहयोग से हाथी के शव को ट्रैक से हटवाया। इसके बाद रेल यातायात बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
रेलवे के मुताबिक, हादसे के दौरान ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे। घटना में किसी यात्री के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
वन विभाग ने शुरू की जांच, अधिकारियों ने किया निरीक्षण
हादसे की सूचना मिलने पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम समेत वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। इस दौरान रेलवे अधिकारियों से भी बातचीत की गई, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के अनुसार, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक पर हाथियों की आवाजाही को देखते हुए ट्रेनों की गति नियंत्रित रखने और हाथियों की मौजूदगी के दौरान लगातार हॉर्न बजाने जैसे सुरक्षा उपायों पर जोर दिया जाएगा।
हाथी का टूटा दांत रेलवे ने लिया कब्जे में
हादसे में नर हाथी का एक दांत टूट गया था, जिसे रेलवे ने अपने कब्जे में ले लिया। बुधवार को टूटे हुए दांत को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। वन विभाग की निगरानी में हाथी के शव का पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया।
हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र में रेल सुरक्षा पर उठे सवाल
हल्दी और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच का इलाका हाथियों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए ट्रेन संचालन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है।
इस घटना के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा और रेलवे ट्रैक पर होने वाले हादसों की रोकथाम को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनों की गति नियंत्रित रखने, हाथियों की मौजूदगी के दौरान हॉर्न बजाने और रेलवे तथा वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।