

कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में पांच प्रतिशत अंकों की छूट, SC-ST छात्रों की निशुल्क कोचिंग के लिए पारिवारिक आय सीमा बढ़ाने और उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन के गठन जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा
धामी कैबिनेट ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले से पात्र खिलाड़ियों को आवागमन में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेल गतिविधियों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है।
दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 5 प्रतिशत की छूट
कैबिनेट ने दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तराखंड बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह राहत बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी और विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित पात्र विद्यार्थियों को मिलेगी।
प्रस्ताव के अनुसार, संबंधित श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा। इस निर्णय से पात्र विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
SC-ST छात्रों की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा 8 लाख रुपये
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए संचालित निशुल्क कोचिंग योजना के तहत पारिवारिक आय सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
इस फैसले से अधिक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकारी निशुल्क कोचिंग योजना का लाभ उठा सकेंगे। आय सीमा में बढ़ोतरी से उन परिवारों के छात्रों को भी योजना के दायरे में आने का अवसर मिलेगा, जो पहले निर्धारित आय सीमा के कारण पात्र नहीं थे।
उत्तराखंड में बनेगा एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन
प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन के गठन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और अन्य साहसिक गतिविधियों को व्यवस्थित, सुरक्षित और सतत तरीके से विकसित करना है।
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को देखते हुए इस पहल को पर्यटन क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक जिला, एक खेल योजना के तहत 15 मुख्य प्रशिक्षकों की तैनाती
कैबिनेट ने एक जिला, एक खेल योजना के अंतर्गत 14 मुख्य खेल प्रशिक्षकों की तैनाती को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त खेल निदेशालय में एक मुख्य प्रशिक्षक की तैनाती का भी प्रस्ताव है। इस तरह कुल 15 मुख्य खेल प्रशिक्षकों की तैनाती की योजना है।
योजना के तहत प्रत्येक जिले को एक प्रमुख खेल से जोड़ा जाएगा और संबंधित खेल के मुख्य प्रशिक्षक की तैनाती की जाएगी। इससे जिला स्तर पर खेल प्रशिक्षण को मजबूत करने और स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
3,600 लंबित स्टाम्प मामलों के निपटारे के लिए OTS योजना
प्रदेश में लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण के लिए सरकार वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्टाम्प कलेक्टर और राजस्व परिषद के न्यायालयों में करीब 3,600 मामले लंबित बताए गए हैं।
प्रस्तावित योजना का उद्देश्य इन मामलों का तेजी से और पारदर्शी तरीके से निस्तारण करना है। इसके साथ ही राजस्व वसूली में सुधार और संबंधित पक्षकारों को ब्याज तथा अर्थदंड की देनदारी में राहत देने पर भी जोर रहेगा।
सड़क और पुल निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया होगी आसान
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत सड़क और पुल निर्माण से जुड़े कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत पहाड़ कटान, सुरक्षा दीवार, पुलिया और नालियों जैसे संबंधित निर्माण कार्यों को एक ही चरण में स्वीकृति देने का प्रावधान होगा। इससे सड़क निर्माण के दौरान जरूरी सुरक्षात्मक कार्य समय पर कराने और निर्माणाधीन तथा मौजूदा मार्गों को होने वाली क्षति कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धामी कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट बैठक में शिक्षा, कर व्यवस्था, विश्वविद्यालयों, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
- समान नागरिक संहिता: समान नागरिक संहिता (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी।
- DIET का पुनर्गठन: प्रदेश के 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे के पुनर्गठन को स्वीकृति।
- मध्याह्न भोजन: हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में केंद्रीकृत किचन के माध्यम से मध्याह्न भोजन की व्यवस्था।
- निजी विश्वविद्यालय: निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के तहत रुड़की स्थित आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएसएम विश्वविद्यालय से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी।
- विश्वविद्यालय परिनियम: मंजीरा देवी विश्वविद्यालय और आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के परिनियम, 2026 को स्वीकृति।
- सिविल विधि: उत्तराखंड सिविल विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी।
- राज्य कर विभाग: राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को स्वीकृति।
- GST: उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को विधेयक के रूप में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी।
- मानवाधिकार आयोग: आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखने की स्वीकृति।
- वित्तीय डाटा सेंटर: तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन को मंजूरी।
- विभागीय लेखा निदेशालय: कनिष्ठ सहायक के पांच नए पदों को स्वीकृति।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों की सेवा विनियमावली को मंजूरी।
- बांध सुरक्षा: राज्य बांध सुरक्षा संगठन की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की जाएगी।
- उरेडा: कनिष्ठ अभियंताओं के वेतनमान को उच्चीकृत करने की मंजूरी।
- एकल महिलाओं के लिए योजना: भरण-पोषण अनुदान योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना करने के प्रस्ताव को स्वीकृति।
- बालिका शिक्षा: खटीमा स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय को हाईस्कूल स्तर तक उच्चीकृत किया जाएगा।
- जौनसारी शब्द संशोधन: ‘जन्नासरी’ के स्थान पर ‘जौनसारी’ शब्द संशोधित कराने के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति भेजी जाएगी।
गैरसैंण विधानसभा सत्र में पेश होगा 7,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट
धामी कैबिनेट ने गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र के दौरान करीब 7,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
अनुपूरक बजट के माध्यम से वित्तीय वर्ष के दौरान सामने आने वाली अतिरिक्त व्यय जरूरतों के लिए बजटीय प्रावधान किए जाते हैं। आगामी विधानसभा सत्र में इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
युवाओं, शिक्षा और विकास पर केंद्रित रहे फैसले
धामी कैबिनेट के फैसलों में खेल, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को प्रमुखता दी गई है। खिलाड़ियों के लिए मुफ्त बस यात्रा, दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत और SC-ST छात्रों के लिए निशुल्क कोचिंग की आय सीमा बढ़ाने जैसे निर्णय सीधे लाभार्थियों से जुड़े हैं।
वहीं, एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन के गठन, खेल प्रशिक्षकों की तैनाती और सड़क-पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे प्रस्ताव विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से अहम माने जा रहे हैं। हालांकि, इन फैसलों का वास्तविक लाभ संबंधित नियमों, पात्रता शर्तों और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।