
![]()
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी का पंजाब दौरा पहले अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित था, लेकिन एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी गठबंधन INDIA की रैली के चलते कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है। इस रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी है।
नवंबर के पहले सप्ताह में दौरे की तैयारी
पंजाब के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की प्रभारी सचिव हिना कावरे ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि राज्य से पार्टी को सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश कांग्रेस की टीम एकजुट होकर काम कर रही है और राहुल गांधी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
कावरे ने बताया कि नवंबर का पहला सप्ताह दौरे के लिए उपयुक्त समय हो सकता है। कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई और केंद्रीय नेतृत्व आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बना रहे हैं।
पार्टी के मुताबिक, राहुल गांधी के दौरे के दौरान ऐसे मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी, जिनका सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं से है। इनमें नशीले पदार्थों का प्रसार, कानून-व्यवस्था, कृषि संकट और रोजगार के अवसर प्रमुख हैं।
परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद संगठन पर जोर
कांग्रेस ने हाल ही में परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह ली है। पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस नियुक्ति को संगठन में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हिना कावरे के अनुसार, राज्य इकाई में नेतृत्व से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के बाद अब पार्टी का ध्यान चुनावी तैयारियों और विभिन्न क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर कार्यक्रमों की योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर कम समय के नोटिस पर भी बड़े आयोजन किए जा सकें।
इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की दावेदारी की भी चर्चा थी। पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए परगट सिंह को जिम्मेदारी सौंपी।
26 अक्टूबर को पंजाब जाएंगे केसी वेणुगोपाल
राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के तहत कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल 26 अक्टूबर को पंजाब पहुंचेंगे। इस दौरान वह वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
वेणुगोपाल राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। इसमें उन स्थानीय और जनहित से जुड़े मुद्दों की पहचान की जाएगी, जिन्हें राहुल गांधी के दौरे और आगे के चुनाव प्रचार में उठाया जा सकता है।
इसके अलावा, वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर फरवरी-मार्च 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए व्यापक अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
इससे पहले चुनाव अभियान समिति के प्रमुख चरणजीत सिंह चन्नी ने 22 अक्टूबर को परगट सिंह और अन्य सदस्यों के साथ संभावित चुनावी कार्यक्रमों पर चर्चा की थी। वहीं, पंजाब के लिए AICC प्रभारी सचिन पायलट ने 16 से 21 अक्टूबर तक पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी।
नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या और कानून-व्यवस्था को अपने चुनावी अभियान के प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि राज्य में अपराध और नशे से जुड़ी घटनाओं को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
पार्टी सचिव रवींद्र दलवी ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनाव प्रचार के मुख्य केंद्र में रहेगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य के मतदाताओं में मौजूदा सरकार के प्रति असंतोष है।
दलवी ने अक्टूबर 2025 में जगराओं में कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह की हत्या और हाल ही में 13 अक्टूबर को मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोट्टा की हत्या का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही तय करनी चाहिए।
कांग्रेस के प्रस्तावित अभियान में किसानों की आर्थिक स्थिति और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी प्रमुखता से शामिल किए जाएंगे। पार्टी इन मुद्दों के जरिए राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने की रणनीति बना रही है।
भाजपा-अकाली दल के संभावित गठबंधन पर भी नजर
पंजाब में आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की रणनीति का एक पहलू भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन भी है। पार्टी के भीतर इस बात पर चर्चा होने की संभावना है कि यदि दोनों दल फिर साथ आते हैं, तो चुनावी समीकरणों पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है।
हिना कावरे ने कहा कि भाजपा और अकाली दल के फिर से साथ आने की चर्चाएं सुनने में आ रही हैं, लेकिन अभी इस संबंध में कोई निश्चित जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा गठबंधन होता है, तो कांग्रेस अपने राजनीतिक आकलन के अनुसार रणनीति तैयार करेगी।
हाल के दिनों में भाजपा ने भी पंजाब में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य में आगामी चुनाव को लेकर बयान दिए हैं। ऐसे में कांग्रेस अन्य दलों की रणनीति पर भी नजर रख रही है।
दिल्ली की INDIA गठबंधन रैली में पंजाब से शामिल होंगे कार्यकर्ता
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की भागीदारी की भी तैयारी की जा रही है। केसी वेणुगोपाल अपने दौरे के दौरान इस संबंध में भी समीक्षा करेंगे।
हिना कावरे के अनुसार, पंजाब में SIR को लेकर बड़े स्तर पर समस्याएं सामने नहीं आई हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर कठिनाइयां जरूर रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस बार बूथ स्तर पर अधिक सतर्क रही है और दिल्ली की रैली में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को भेजने की योजना है।
पंजाब विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में प्रस्तावित हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस संगठनात्मक बदलाव, वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और जनहित के मुद्दों पर अभियान के जरिए अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रही है। राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।