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मामा को रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था भांजा
जानकारी के अनुसार, ग्राम सहजनी, रुद्रपुर निवासी 22 वर्षीय रोहित चौहान पुत्र राधेश्याम चौहान शुक्रवार रात अपने 46 वर्षीय मामा अक्षय लाल चौहान पुत्र हंसनाथ चौहान को रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था। अक्षय लाल मूल रूप से ग्राम जुआफर, जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश के निवासी थे। वह पांच अक्टूबर को रुद्रपुर आए थे और शुक्रवार रात बाघ एक्सप्रेस ट्रेन से अपने घर लौटने वाले थे।
बताया गया कि रात करीब दस बजे दोनों बाइक से सितारगंज हाईवे पर बगवाड़ा मंडी के सामने पहुंचे। इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित चौहान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अक्षय लाल चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल अक्षय लाल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। एक ही हादसे में मामा-भांजे की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिवार का सहारा था रोहित, घर लौटने की तैयारी में थे अक्षय लाल
रोहित चौहान के पिता राधेश्याम चौहान ने बताया कि उनका बेटा सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन हादसे ने परिवार का सहारा छीन लिया।
वहीं, अक्षय लाल चौहान अपने घर लौटने की तैयारी में थे। पांच अक्टूबर को रुद्रपुर आने के बाद शुक्रवार रात उन्हें ट्रेन से देवरिया स्थित अपने घर जाना था। भांजा उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ने निकला था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने दोनों की जिंदगी छीन ली।
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। दो परिजनों की मौत से घर में मातम पसरा हुआ है।
डंपर और चालक की पहचान में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने पर रुद्रपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पुलिस दुर्घटना में शामिल डंपर और उसके चालक की पहचान करने में जुटी है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। दुर्घटना के संबंध में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि डंपर और उसके चालक की पहचान की जा सके। उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्राधिकारी वैभव सैनी ने भी बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। परिजनों की ओर से शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सितारगंज हाईवे पर हादसों ने बढ़ाई चिंता
सितारगंज हाईवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल के दिनों में सड़क हादसों में छह लोगों की मौत के बाद यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। प्रशासन और पुलिस ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही थी।
इसके बावजूद बगवाड़ा मंडी के सामने हुए ताजा हादसे में दो लोगों की मौत ने इन प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार वाहनों और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
स्थानीय स्तर पर लगातार हो रहे हादसों के मद्देनजर यातायात नियमों का पालन कराने, तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर प्रभावी सुरक्षा उपाय करने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन हाईवे पर हादसों की रोकथाम के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाते हैं।