देहरादून: उत्तराखंड के मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा ऐलान किया है। सीएम आवास में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इसी के साथ ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत भी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इन विद्यार्थियों को NEET, JEE, CLAT और SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग और अन्य आवश्यक शुल्क की सुविधा राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
आर्थिक परेशानी नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा
सीएम धामी ने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के सामने आर्थिक स्थिति उसकी पढ़ाई और करियर के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार का प्रयास है कि मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलें।
हमारे युवा ही उत्तराखंड के आने वाले कल की तस्वीर तय करेंगे। उनके सपनों को समझना, उन्हें सही अवसर देना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का मंच देना हमारी जिम्मेदारी है। गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा, बेहतर विद्यालयी सुविधाओं, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सरकार निरंतर… pic.twitter.com/A4oEUSRyqO
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 10, 2026
चयनित विद्यार्थियों की कोचिंग और जरूरी शुल्क का खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने से उन्हें अपने करियर के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
3 लाख से ज्यादा छात्रों ने वर्चुअली लिया हिस्सा
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम से प्रदेशभर के 2,828 सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के कक्षा 11वीं और 12वीं के 3 लाख से अधिक विद्यार्थी वर्चुअली जुड़े।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान छात्रों ने स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने, उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने, पर्यटन को प्रोत्साहित करने और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने जैसे सुझाव दिए।

छात्रों के सुझावों को नीतियों में शामिल करने की बात
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों के सुझावों को गंभीरता से लिया और कई सुझावों को खुद नोट किया। उन्होंने अधिकारियों को इन सुझावों के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि विद्यार्थियों के उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं देश और प्रदेश का वर्तमान भी हैं और भविष्य भी।
‘नंबर से ज्यादा जरूरी विषय की समझ’
छात्रों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में केवल अच्छे नंबर हासिल करना ही सफलता का पैमाना नहीं है। विद्यार्थियों के लिए विषय की गहरी समझ विकसित करना ज्यादा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जीवन में संस्कार और अनुशासन को अपनाकर सफलता की राह आसान होती है। छात्रों को पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि अपने भविष्य को संवारने का माध्यम समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर उस दिशा में लगातार मेहनत करने और चुनौतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
AI को लेकर छात्रों को दी खास सलाह
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि AI उपयोगी और ज्ञानवर्धक तकनीक है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी विषय पर पहले अपनी बुद्धि, विवेक और सोचने की क्षमता का इस्तेमाल करें। शिक्षकों और गुरुजनों के अनुभव से सीखने के बाद जरूरत पड़ने पर AI की सहायता लें।

सीएम ने कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी होनी चाहिए, हमारी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।
पढ़ाई के साथ खेलों को भी बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों को भी पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए। उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना भी संचालित की जा रही है।

‘मेरे घर में भी हैं Gen Alpha और Gen Z’
नई पीढ़ी की सोच और आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके घर में भी Gen Alpha और Gen Z पीढ़ी के बच्चे हैं। ऐसे में वह नई पीढ़ी की सोच, रुचियों और भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदों को करीब से समझते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी समस्याएं, सुझाव और विचार खुलकर सरकार के साथ साझा करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहेगा।