नई दिल्ली: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के कथित प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दाखिल इस याचिका में चढ़ावे से जुड़े आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने और ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

यह याचिका अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत और एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड जसवंती ए. के माध्यम से दायर की गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 5 फरवरी 2020 को गठन के बाद से अब तक प्राप्त सभी दान और चढ़ावे का विस्तृत विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए।
याचिका के अनुसार, ट्रस्ट को नकद दान, बैंक ट्रांसफर, डिजिटल भुगतान, विदेशी अंशदान, सोना, चांदी तथा अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में प्राप्त सभी योगदानों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाए कि इन दानों का लेखा-जोखा कैसे रखा गया, उन्हें किस प्रकार सुरक्षित रखा गया और उनका उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि चढ़ावे के प्रबंधन और उसके उपयोग को लेकर उठे सवालों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है। इसलिए पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए और यह जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी अथवा अदालत द्वारा निर्धारित किसी स्वतंत्र तंत्र की देखरेख में कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता और जनता का विश्वास दोनों सुनिश्चित हो सकें।
जनहित याचिका में यह भी मांग की गई है कि जांच पूरी होने तक मंदिर के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी के लिए एक अंतरिम निगरानी समिति गठित की जाए। साथ ही, कथित चढ़ावा मामले की सुनवाई और जांच पूरी होने तक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियों से अलग रखने पर भी अदालत विचार करे।
फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं किया है। साथ ही, याचिका में लगाए गए आरोपों की अब तक किसी न्यायिक या जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई शीर्ष अदालत की सुनवाई के बाद तय होगी।