राम मंदिर दान विवाद पर कांग्रेस का बड़ा हमला, सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी से मांगा जवाब; सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की उठाई मांग
नई दिल्ली।
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवालों की बौछार कर दी है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में यदि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के इस्तेमाल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।
‘पीएम मोदी अपनी चुप्पी तोड़ें’
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसलिए इस पूरे विवाद पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें और पारदर्शी जांच सुनिश्चित कराएं।
Champat Rai Bansal was the be-all and end-all of the trust. He has simply resigned and wants to walk away. I want to ask him: when Mahipal and several others brought to your notice that a massive theft was taking place, why were they removed?
Champat Rai Bansal is a big shark.… pic.twitter.com/tjyDlSn0ur
— Congress (@INCIndia) June 30, 2026
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे उसकी कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी का कहना है कि यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो ट्रस्ट की जवाबदेही तय होनी चाहिए और आवश्यक होने पर उसके पुनर्गठन पर भी विचार किया जाना चाहिए।
विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और अन्य नेताओं को राम मंदिर जाने से पहले कथित तौर पर नजरबंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का आरोप है कि सरकार इस मामले में उठ रहे सवालों को दबाने की कोशिश कर रही है।
हमारे सवाल:
• SIT रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
• अभी तक सिर्फ 80 लाख बरामद हुए हैं, बाकी रुपए कहां हैं?
• 40 दिन में 70 बार चोरी हुई तो साढ़े 5 साल में कितनी चोरी हुई?
• CCTV फुटेज का बैकअप क्यों नहीं रखा गया?
• राम मंदिर में हुई चोरी के तार किन लोगों तक जुड़े… pic.twitter.com/GLzZmJ6IL9— Congress (@INCIndia) June 30, 2026
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि:
- दान राशि के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- उत्तर प्रदेश सरकार एसआईटी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
- मंदिर को अब तक मिले पूरे दान का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
- पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
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‘चढ़ावा चोरी’ के मुद्दे पर हमारी मांग 👇
⦿ योगी सरकार SIT की जांच सार्वजनिक करे
⦿ श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए
⦿ चंपत राय और अन्य लोगों के खिलाफ FIR और जांच हो
⦿ शुरू से सारे चढ़ावों का निष्पक्ष ऑडिट किया जाए
⦿ इस महाघोटाले की सुप्रीम कोर्ट के… pic.twitter.com/5rYigTXkma— Congress (@INCIndia) June 30, 2026
सरकार और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि किसी आधिकारिक जांच या न्यायिक निष्कर्ष से नहीं हुई है।