मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायियों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित अभद्रता का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। कांग्रेस ने इसे हिंदू धर्म का अपमान करार देते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। विरोध के रूप में प्रदेशभर में कांग्रेस ने मौन उपवास रखा।

खटीमा में कांग्रेस विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौक के पास शनि मंदिर प्रांगण में दो घंटे का मौन रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने शंकराचार्य और साधु-संतों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके बाल पकड़ने तक की घटना सामने आई।
भुवन कापड़ी ने कहा कि हिंदू धर्म की रक्षा का दावा करने वाली भाजपा सरकार के शासन में धर्मगुरु के साथ इस तरह का व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मौन उपवास इस कथित अभद्रता के विरोध में आयोजित किया गया है और हिंदू धर्म की गरिमा की रक्षा के लिए यह आवश्यक था।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन साधु-संतों के स्नान और पूजा पर रोक लगा कर उनके साथ की गई अभद्रता पूरे हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है और इस प्रकरण से भाजपा सरकार की कथनी और करनी के बीच बड़ा अंतर उजागर होता है।